राशन कार्ड पर कुत्ते को 'पुत्र' बताकर ले रहा था राशन, आधार कार्ड ने खोला राज

Edited By Prashar, Updated: 26 Sep, 2018 06:15 PM

food taken on the name of dog in dhar

एमपी को यूं ही अजब-गजब नहीं कहा जाता है। यहां आए दिन चौंकाने वाले कारनामे होते है तब जाकर ये ख्याती प्राप्त हुई है। ऐसा ही एक मामला धार से सामने आया जहां एक शख्स राशन कार्ड पर कुत्ते को अपना पुत्र बताकर एक साल से सरकारी राशन खा रहा था और इसके खुलासे...

धार: एमपी को यूं ही अजब-गजब नहीं कहा जाता है। यहां आए दिन चौंकाने वाले कारनामे होते है तब जाकर ये ख्याती प्राप्त हुई है। ऐसा ही एक मामला धार से सामने आया जहां एक शख्स राशन कार्ड पर कुत्ते को अपना पुत्र बताकर एक साल से सरकारी राशन खा रहा था और इसके खुलासे की वजह आधार कार्ड बना।

मामला जिले के गुलरीपाड़ा का है जहां 60 वर्षीय नरसिंह बोदर के राशन कार्ड में घर के तीन सदस्य के नाम दर्ज हैं। जिनमें से एक कुत्ता का है।

कुत्ते को बताया है 'पुत्र'
इसे कुत्ते के प्रति प्रेम कहें या सरकार को लूटने की मंशा। जो भी हो पर राशन कार्ड पर नरसिंह ने कुत्ते का नाम 'राजू' और रिश्ते वाले कॉलम में अपना पुत्र बताया है।

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ऐसे हुआ खुलासा
हर बार की तरह इस बार भी नरसिंह दुकान पर राशन लेने गया। इस दौरान राशन विक्रेता कैलाश मारू ने उससे राशन कार्ड पर अंकित तीनों सदस्यों के आधार कार्ड नंबर मांगे। नरसिंह ने दो सदस्यों के नंबर तो दे दिए लेकिन जब तीसरे का नंबर उससे मांगा तो वह नहीं दे पाया। उससे जब यह पूछा गया कि कार्ड पर तीसरा नाम किसका है तो बताया कि वो उसका कुत्ता है और उसका कुत्ता उसके बेटे जैसा है।

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कुत्ते के नाम पर खाया 60 किलो राशन
राशन की दुकान से राशन कार्ड में दर्ज प्रति व्यक्ति को हर महीने पांच किलो राशन दिया जाता है। यानि कुत्ते के नाम पर नृसिंह ने 60 किलो राशन लिया।

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क्या कहना है अधिकारियों का ?
जनपद पंचायत सरदारपुर के सीईओ केके उईके ने बताया कि अभी मामला मेरी जानकारी में नहीं आया है। प्रकरण आते ही कार्रवाई की जाएगी। खाद्य निरीक्षक अनुराग वर्मा ने जनपद पंचायत सरदारपुर के सीईओ को राशन कार्ड से कुत्ते का नाम हटाने का आदेश दिया है।

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