Edited By meena, Updated: 21 Oct, 2025 07:07 PM

रोशनी और उत्सव के पर्व दीपावली ने भले ही पूरे शहर को जगमग कर दिया, लेकिन इसी खुशी के बीच कई घरों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला...
दुर्ग/भिलाई (हेमंत पाल): रोशनी और उत्सव के पर्व दीपावली ने भले ही पूरे शहर को जगमग कर दिया, लेकिन इसी खुशी के बीच कई घरों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। पटाखों की चमक के साथ इस बार दुर्ग-भिलाई में 21 लोग घायल हो गए। इनमें कई बच्चे और युवा शामिल हैं, जिनमें से कुछ को चेहरे और आंखों में जलन के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है।
भिलाई में सबसे ज्यादा केस सुपेला अस्पताल में 12 मरीज पहुंचे
सुपेला अस्पताल के रजिस्टर के अनुसार, रविवार और दिवाली की रात मिलाकर कुल 12 लोग पटाखों से झुलसकर अस्पताल पहुंचे। रविवार की शाम को 2 लोग मामूली रूप से झुलसे थे। दिवाली की रात (सोमवार) को 9 नए केस आए। वहीं मंगलवार की सुबह तक एक और व्यक्ति इलाज के लिए पहुंचा। अस्पताल प्रभारी डॉ. पीएम सिंह ने बताया कि अधिकांश लोगों को हाथ, पैर और आंखों में जलन हुई है। कुछ को पटाखे फटने से छोटी चोटें आई हैं। सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और फिलहाल खतरे से बाहर हैं। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि दिवाली जैसे त्योहार पर थोड़ी-सी असावधानी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। पटाखा जलाते समय कम से कम 2 मीटर की दूरी बनाकर रखें, सिंथेटिक कपड़े न पहनें और बच्चों को अकेले पटाखे जलाने न दें।
दुर्ग जिला अस्पताल में 9 केस, एक मरीज की हालत गंभीर
दूसरी ओर, दुर्ग जिला अस्पताल में कुल 9 लोग पटाखों से घायल होकर अस्पताल पहुंचे। इनमें 6 लोग दिवाली की रात झुलसे थे, जबकि मंगलवार सुबह 3 और मरीज पहुंचे। सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज के अनुसार ज्यादातर मरीजों को हल्की जलन या छोटे घाव हैं। लेकिन एक मरीज को ज्यादा झुलसने के कारण भर्ती किया गया है। बाकी को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि अधिकतर हादसे ‘निकट दूरी से पटाखा जलाने’ और ‘पटाखे को बार-बार हाथ में पकड़ने’ के कारण हुए।