Edited By meena, Updated: 25 Mar, 2026 03:14 PM

भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यसमिति के गठन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और इसके जल्द घोषित होने की संभावना है...
भोपाल: भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यसमिति के गठन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और इसके जल्द घोषित होने की संभावना है। इस बार संगठन में सामाजिक संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके चलते दलित और आदिवासी वर्ग के नेताओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिलने के संकेत हैं।
सूत्रों के अनुसार, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला मोर्चा की कार्यकारिणी में भी इन वर्गों को प्राथमिकता दी गई है। BJP के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाशशिव प्रकाश की भोपाल में मौजूदगी के बाद कार्यसमिति गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है और इस संबंध में मंगलवार को अहम चर्चा भी हुई।
पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय कार्यसमिति में अधिकतम 120 सदस्य हो सकते हैं, जबकि मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में यह संख्या आमतौर पर 100 से अधिक रहती है। नई प्रदेश कार्यसमिति में प्रदेश अध्यक्ष के अलावा 106 सदस्य शामिल होंगे, जिनमें 35 महिलाएं होंगी। इनमें से 9 सदस्य अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से होंगी। इसके अतिरिक्त 26 विशेष आमंत्रित सदस्य भी बनाए जाएंगे, जबकि जिला प्रभारियों को भी कार्यसमिति में स्थान दिया जाएगा।
प्रदेश में वर्तमान में 65 संगठनात्मक जिले हैं और नई कार्यसमिति में नए चेहरों के साथ क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का खास ध्यान रखा जाएगा। कार्यसमिति की बैठक हर तीन महीने में आयोजित की जाएगी।
गौरतलब है कि कार्यसमिति गठन में हो रही देरी के पीछे सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की चुनौती के साथ-साथ संगठन में चल रहे प्रशिक्षण महाअभियान और अन्य कार्यक्रम भी प्रमुख कारण रहे हैं।