Edited By Desh Raj, Updated: 14 Apr, 2026 07:49 PM

मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कांग्रेस ने मंत्री के खिलाफ एक शिकायत की है जो मुश्किलें बढ़ा सकती है। दरअसल नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का खुद का ही एक बयान उनकी मुश्किलें बढ़ा सकता हैं।
(भोपाल): मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कांग्रेस ने मंत्री के खिलाफ एक शिकायत की है जो मुश्किलें बढ़ा सकती है। दरअसल नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का खुद का ही एक बयान उनकी मुश्किलें बढ़ा सकता हैं। कांग्रेस ने कैलाश के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया गया है।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के लिखे पत्र में स्वत संज्ञान लेकर कैलाश के खिलाफ मामला दर्ज करने को लेकर मांग की है।पत्र में लिखा गया है कि विजयवर्गीय ने एक सार्वजनिक बयान में स्वीकार किया था कि उनके खिलाफ 34 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिसके चलते वे पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए नहीं गए।
इसलिए अब सवाल ये उठता है कि यदि उनके खिलाफ मामले दर्ज हैं, तो जो उन्होंने इंदौर विधानसभा क्षेत्र 1 से जो चुनाव लड़ा है क्या उनका उल्लेख चुनावी हलफनामे में किया है। अगर नहीं किया है कि चुनाव आयोग उनके हलफनामे की स्वयं जांच करे और मामला छिपाए जाने के अपराध में उनका चुनाव निरस्त करवाने के लिए आवेदन पत्र जनहित में पेश करें। कांग्रेस ने इसको गंभीर मामला बताते हुए भारत निर्वाचन आयोग से संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
कौन से बयान बन सकता है कैलाश विजयवर्गीय की गले की फांस
दरअसल पिछले दिनों कैलाश विजयवर्गीय ने एक ऐसा बयान दिया था जो सुर्खियां बटोर गया था। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था बंगाल में ममला बनर्जी ने उनके ऊपर 38 फर्जी केस लगाए गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई वारंट निकाले जा चुके हैं। अगर वो वहां जाएंगे तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर लेगी।
उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से भी उनसे कहा कि आप वहां मत जाइए वर्ना नई मुसीबत खड़ी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का कहना है कि उनके जाने से फिर कोई लफड़ा खड़ा हो जाएगा। किसी नए विवाद से बचने के लिए पार्टी ने उन्हें बंगाल जाने से मना किया है। लिहाजा कैलाश के इस बयान को लेकर कांग्रेस ने उनके खिलाफ शिकायत की दी है और चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है।