Edited By meena, Updated: 16 Aug, 2026 03:13 PM

मध्य प्रदेश कांग्रेस में मिशन 2028 को लेकर बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी चल रही है। प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा कार्यकारिणी ...
भोपाल : मध्य प्रदेश कांग्रेस में मिशन 2028 को लेकर बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी चल रही है। प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा कार्यकारिणी को भंग कर अगले दो-तीन महीनों में नई टीम गठित किए जाने की संभावना है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में बनने वाली नई कार्यकारिणी में सक्रिय, जमीनी और संगठन को पर्याप्त समय देने वाले नेताओं को प्राथमिकता मिलने की चर्चा है।
253 से घटकर करीब 125 पदाधिकारियों की हो सकती है टीम
वर्तमान प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में करीब 253 पदाधिकारी हैं। सूत्रों के मुताबिक, नई व्यवस्था में इसकी संख्या घटाकर लगभग 125 करने की तैयारी है। यानी पार्टी संगठन को विस्तार देने के बजाय छोटा, जिम्मेदार और ज्यादा सक्रिय बनाने पर जोर देगी। नेताओं को केवल राजनीतिक संतुलन के लिए पद देने के बजाय उनकी संगठनात्मक उपयोगिता और जमीनी सक्रियता को आधार बनाया जा सकता है।
दोहरी जिम्मेदारी वाले नेताओं पर भी फैसला संभव
नई कार्यकारिणी में दोहरी या दो से ज्यादा जिम्मेदारियां संभाल रहे नेताओं की भूमिका भी तय की जा सकती है। प्रदेश पदाधिकारी होने के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं को किसी एक पद तक सीमित करने की संभावना है। खासतौर पर विधायक और जिला संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं को लेकर भी नया फॉर्मूला लागू हो सकता है। इससे प्रदेश संगठन में नए चेहरों को जगह मिलने का रास्ता खुलेगा।
गुटबाजी पर लगाम, सक्रिय नेताओं को मिलेगा मौका
कांग्रेस में लंबे समय से अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं के खेमों का प्रभाव चर्चा में रहा है। नई टीम के जरिए पार्टी नेतृत्व गुटीय संतुलन के बजाय सक्रियता को प्राथमिकता देने की कोशिश कर सकता है। कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, अजय सिंह और अरुण यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं के करीबी नेताओं के लिए भी नई व्यवस्था में भूमिका उनकी सक्रियता और चुनावी उपयोगिता के आधार पर तय होने की संभावना है।
मिशन 2028 के साथ 2029 की भी तैयारी
नई कार्यकारिणी को केवल संगठनात्मक फेरबदल नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। जीतू पटवारी ने संकेत दिया है कि नई टीम में युवा ऊर्जा और अनुभव का संतुलन रखा जाएगा। उनका कहना है कि अब सभी को ‘टीम कांग्रेस’ के रूप में मिशन 2028 की तैयारी में जुटना होगा। आने वाले दो-तीन महीने प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक भविष्य के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।