Edited By Desh Raj, Updated: 22 Mar, 2026 05:00 PM

राजधानी भोपाल के कोलार रोड इलाके में रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से जुड़ा बताने वाले आरोपी ने एक सोना व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल कर 10 करोड़ रुपये की मांग की
भोपाल (इजहार खान): राजधानी भोपाल के कोलार रोड इलाके में रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से जुड़ा बताने वाले आरोपी ने एक सोना व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल कर 10 करोड़ रुपये की मांग की और जान से मारने की धमकी दी।
खुद को “हैरी बॉक्सर” बताकर पैसे की मांग की
पुलिस के अनुसार, पार्वती नगर निवासी 42 वर्षीय गौरव जैन ने थाना कोलार रोड में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि 18 मार्च की रात करीब 10:30 बजे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप ऑडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को “हैरी बॉक्सर” बताते हुए कहा कि वह लॉरेंस गैंग से जुड़ा है और व्यापारी से 10 करोड़ रुपये की मांग की।
व्हाट्सएप ऑडियो कॉल से धमकी ,कहा-पैसे दिए बिना पीछा नहीं छूटेगा
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने कहा कि “तू बड़ा सोना व्यापारी है, पैसा कमा रहा है और नेतागिरी कर रहा है… 10 करोड़ तैयार रखना।” साथ ही उसने धमकी दी कि उसके बारे में गूगल पर सर्च कर ले और सोच-समझकर जवाब दे।
पैसे नहीं दिए तो कहीं भी निपटा देंगे
पीड़ित ने इसे शुरुआत में फर्जी कॉल समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन 20 मार्च की सुबह फिर दूसरे नंबर से कॉल आया। इस बार आरोपी ने पैसे को लेकर दबाव बनाया और मना करने पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने कहा कि “अगर पैसे नहीं दिए तो गैंग के लोग कहीं भी निपटा देंगे, जैसा बाबा सिद्दीकी के साथ हुआ।”
इतना ही नहीं, आरोपी ने लगातार व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक और धमकी भरे ऑडियो मैसेज भी भेजे, जिनमें हथियार से हमला करने की बात कही गई है। पीड़ित का दावा है कि आरोपी खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बता रहा है और उसके पास शूटर होने की भी बात कह रहा है।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों मोबाइल नंबरों के उपयोगकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही पीड़ित द्वारा दिए गए व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड, ऑडियो और स्क्रीनशॉट को साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है।पीड़ित ने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कॉल वास्तव में अंतरराष्ट्रीय नंबर से की गई है या इंटरनेट कॉलिंग के जरिए फर्जी पहचान बनाई गई है।