Edited By Himansh sharma, Updated: 01 May, 2026 08:54 PM

मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लापरवाही के जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कदम उठाए हैं।
भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम में हुए हादसे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इसके अलावा उन्होंने होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित कर दिया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उन पर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले शाम को सीएम डॉ. यादव ने जबलपुर में बरगी क्रूज हादसे के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। उस वक्त उन्होंने कहा था कि इस घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई जा रही है। यह समिति तीन बिंदुओं पर जांच करेगी। इन बिंदुओं में पहला बिंदु दुर्घटना के कारणों की शुरुआत से जांच करना, दूसरा बिंदु परिस्थितियों को प्रतिपादित करना, तीसरा बिंदु दुर्घटना के वक्त प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं हुआ, शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने नौका पर्यटन, क्रूज पर्यटन, एडवेंचर स्पोर्ट्स सहित सभी तरह की गतिविधियों के लिए एसओपी तैयार करने की भी बात कही थी।
घटना से पूरा प्रदेश स्तब्ध
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोतवाली से दरहाई स्थित स्व. नीतू सोनी के निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने रियाज हुसैन के घर जाकर उनसे भी मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया था कि इस हादसे में 9 लोगों के शव मिले हैं। 28 लोगों को बचाया जा चुका है। इस घटना से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि जिन लोगों ने दूसरों की जान बचाई है उन्हें 51-51 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2-2 लाख आर्थिक सहायता की घोषणा की है।