Edited By Himansh sharma, Updated: 01 May, 2026 09:42 PM

बरगी क्रूज हादसे के बाद जब मुख्यमंत्री Mohan Yadav पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे, तो सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि भावनाओं का सैलाब भी साथ आया।
भोपाल/जबलपुर: बरगी क्रूज हादसे के बाद जब मुख्यमंत्री Mohan Yadav पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे, तो सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि भावनाओं का सैलाब भी साथ आया। हालात इतने दर्दनाक थे कि खुद सीएम भी भावुक हो गए। बच्चों की आंखों में आंसू और परिवारों का दर्द देखकर Mohan Yadav खुद को संभाल नहीं पाए। कहीं उन्होंने मासूम बच्चों को गले लगाया, तो कहीं बेटी के सिर पर हाथ रखकर उसे ढांढस बंधाया। उस पल सत्ता नहीं, सिर्फ संवेदना नजर आ रही थी।
1 मई को जबलपुर पहुंचे सीएम ने साफ कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार हर परिवार के साथ खड़ी है और कोई भी खुद को अकेला न समझे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हादसे के दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी।
सीएम जब नीतू सोनी के घर पहुंचे, तो वहां का मंजर बेहद भावुक कर देने वाला था। परिवार की बेटी फूट-फूटकर रोने लगी, जिसे देखकर Mohan Yadav ने उसे संभाला और सिर पर हाथ रखकर सांत्वना दी। वहीं छोटे बच्चों को गले लगाकर उन्होंने दुख बांटा। इसके बाद सीएम रियाज हुसैन के घर भी पहुंचे, जो इस हादसे में बाल-बाल बचे। रियाज ने बताया कि कई घंटे तक उन्हें लगा कि अब वो जिंदा नहीं बचेंगे।
मुख्यमंत्री ने राहत कार्य में जुटे लोगों की सराहना करते हुए घोषणा की कि जिन स्थानीय लोगों ने दूसरों की जान बचाई, उन्हें 51-51 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख और प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा 2-2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। सीएम ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए सख्त एसओपी तैयार की जाएगी।