खैरागढ़ पुलिस की मेगा साइबर रेड: मुंबई में ध्वस्त हुआ 50 करोड़ का ठगी नेटवर्क, 8 आरोपी गिरफ्तार

Edited By Himansh sharma, Updated: 27 Oct, 2025 02:20 PM

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छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ किया

खैरागढ़। (हेमंत पाल): छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग मुंबई के डोम्बिविल्ली और कल्याण इलाके में बैठकर पूरे देशभर में ऑनलाइन ठगी और बेटिंग ऐप संचालन कर रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से 5 लैपटॉप, 14 एंड्रॉयड मोबाइल, 51 बैंक पासबुक, 51 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक और 25 सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।

खैरागढ़ की यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की छात्रा वसुधा सिन्हा ने 22 अगस्त 2025 को ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई। छात्रा ने इंस्टाग्राम पर एक फर्जी चिकनकारी साड़ी शॉपिंग साइट से साड़ी ऑर्डर की थी और पेमेंट के नाम पर उससे 64,100 रुपए की ठगी की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और साइबर सेल खैरागढ़ की टीम ने ठगी के नेटवर्क का पता लगाने के लिए सोशल मीडिया और बैंक खातों की गहन तकनीकी जांच की।

जांच में सामने आया कि ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और बैंक खाते महाराष्ट्र के डोम्बिविल्ली क्षेत्र से संचालित हो रहे थे। यहीं से पुलिस को एक संगठित साइबर गिरोह के सक्रिय होने के प्रमाण मिले। गिरोह न केवल ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड कर रहा था बल्कि ‘100 बुक’ नामक ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप के जरिए भी लाखों लोगों से ठगी कर रहा था।

PunjabKesariपुलिस टीम ने लगातार 7 दिन तक मुंबई में कैंप कर गुप्त रैकी की और डिलीवरी बॉय बनकर आरोपियों के ठिकाने तक पहुंचने की योजना बनाई। इसके बाद Z Wing के 16वें और Premiya फ्लैट के 7वें फ्लोर पर एक साथ छापा मारकर सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों के कब्जे से बरामद डिजिटल साक्ष्यों की जांच में खुलासा हुआ कि उन्होंने 100 से अधिक फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का उपयोग कर अब तक 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन किया है।

गिरफ्तार आरोपी महाराष्ट्र और बिहार के रहने वाले हैं, जिनमें गौतम पंजाबी, पवन सुरूसे, विनायक मोरे, अमित मोरे, रामचंद्र चौके, अमोल दिवनाने, अभिषेक डंबडे और मनोज मुखिया शामिल हैं। सभी को ट्रांजिट रिमांड पर खैरागढ़ लाया गया है।

खैरागढ़ पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मामले में संगठित अपराध और जुआ अधिनियम (Gambling Act) के तहत विवेचना जारी है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया जाएगा।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि खैरागढ़ पुलिस साइबर अपराध पर सख्त रुख अपनाए हुए है और तकनीकी जांच के बल पर अब राज्य से बाहर तक अपने ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम है।

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