Edited By meena, Updated: 02 Apr, 2026 03:17 PM

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने गुरुवार को बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी रहे अमित जोगी को तीन सप्ताह में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ...
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने गुरुवार को बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी रहे अमित जोगी को तीन सप्ताह में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने आज सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 आरोपियों को नामजद किया गया था, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे।
मामले की सुनवाई के बाद 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने 28 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था। इस फैसले के खिलाफ मृतक के पुत्र सतीश जग्गी ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी, जहां से मामले को आगे की सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय भेजा गया। इस प्रकरण में जिन आरोपियों को दोषी ठहराया गया उनमें अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत और विश्वनाथ राजभर शामिल हैं।