Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Mar, 2026 05:37 PM

शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना को एक बार फिर हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है।
शाजापुर: शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना को एक बार फिर हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। इंदौर खंडपीठ में 25 मार्च को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश जयकुमार पिल्लई ने टिप्पणी की कि कलेक्टर नियमों की जानकारी नहीं रखतीं और बिना सोचे-समझे आदेश पारित कर देती हैं। यह कलेक्टर को मिली तीसरी फटकार है।
मामला सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी जयंत बघेरवाल की दो वेतन वृद्धि रोकने से जुड़ा है। कलेक्टर ने 27 और 28 फरवरी 2025 को दो आदेश जारी किए – पहले में बघेरवाल की वेतन वृद्धि रोकने और दूसरे में उन्हें एसडीएम कार्यालय गुलाना अटैच करने का निर्देश दिया।
यह कार्रवाई उस समय हुई जब बघेरवाल पर एक वाहन स्टैंड ठेकेदार ने आर्थिक लेन-देन के आरोप लगाए थे। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि कलेक्टर ने बिना किसी जांच के यह निर्णय लिया, जो उनके अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन है।
बघेरवाल ने पहले कमिश्नर उज्जैन के सामने अपील की, लेकिन आदेश यथावत रहा। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। इंदौर खंडपीठ ने 25 मार्च को स्थगन (स्टे) आदेश जारी किया और कलेक्टर को 15 दिन में व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा।
हाईकोर्ट ने कलेक्टर से स्पष्ट करने को कहा कि उन्होंने किन नियमों के तहत बिना विभागीय जांच के दो वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि कलेक्टर कानून की जानकारी नहीं रखतीं, और यह प्रवृत्ति पहले भी दिखाई दे चुकी है। अगली सुनवाई: 15 दिन के भीतर कलेक्टर हलफनामा पेश करेंगी। तब तय होगा कि अदालत आगे की कार्रवाई क्या करेगी।