MP नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव! इस आधार पर होंगे इलेक्शन, आयोग की बड़ी तैयारी

Edited By Himansh sharma, Updated: 23 May, 2026 03:41 PM

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मध्यप्रदेश में वर्ष 2027 में संभावित नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है।

भोपाल। मध्यप्रदेश में वर्ष 2027 में संभावित नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी चुनाव विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद तैयार की गई मतदाता सूची के आधार पर ही कराए जाएंगे। इसके लिए जनवरी 2027 में भारत निर्वाचन आयोग से मिलने वाली अंतिम विधानसभावार सूची को आधार बनाया जाएगा।

SIR आधारित सूची से होंगे चुनाव

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैयार होने वाली मतदाता सूची को ही अंतिम रूप देकर चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जनवरी 2027 में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई सूची जारी किए जाने के बाद उसका पुनरीक्षण किया जाएगा और उसी के आधार पर नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।

प्रदेश में वोटरों का बड़ा अंतर

जानकारी के अनुसार, वर्तमान में SIR के बाद तैयार भारत निर्वाचन आयोग की सूची में प्रदेश में कुल 5.39 करोड़ मतदाता दर्ज हैं, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग की जिलेवार सूची में यह संख्या लगभग 5.96 करोड़ है। दोनों सूचियों में करीब 57 लाख मतदाताओं का अंतर सामने आया है। बताया जा रहा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग की सूची में अभी भी कई ऐसे नाम दर्ज हैं, जिनका मिलान किया जाना बाकी है।

जनवरी 2027 में अंतिम सूची होगी तैयार

निर्वाचन प्रक्रिया के तहत हर वर्ष 24 जनवरी की स्थिति में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यों को मतदाता सूची उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन इस बार SIR प्रक्रिया के चलते यह सूची समय पर जारी नहीं हो सकी। अब जनवरी 2027 में नई सूची मिलने के बाद उसका विस्तृत पुनरीक्षण किया जाएगा और अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद प्रदेश के 413 नगरीय निकायों और करीब 23 हजार ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए जाने की तैयारी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस दिशा में शुरुआती स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं।

ऑनलाइन दावे-आपत्ति में मध्यप्रदेश आगे

मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य 23 अप्रैल से शुरू किया गया है। इसके तहत 15 से 25 मई के बीच दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। अब तक लगभग 6 हजार आपत्तियां प्राप्त हो चुकी हैं, जिनका निराकरण किया जा रहा है। प्रदेश की विशेष उपलब्धि यह भी है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां स्थानीय चुनावों के लिए मतदाता सूची में दावे-आपत्तियां ऑनलाइन माध्यम से भी दर्ज कराने की सुविधा दी गई है।

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