Edited By Vikas Tiwari, Updated: 01 Nov, 2026 01:48 PM

मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में ‘संकल्प वृक्ष’ का पौधरोपण किया। सेना दिवस-2027 के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अर्जुन का पौधा रोपकर प्रदेश की एकता, अखंडता...
भोपाल: मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में ‘संकल्प वृक्ष’ का पौधरोपण किया। सेना दिवस-2027 के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अर्जुन का पौधा रोपकर प्रदेश की एकता, अखंडता और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया। ‘मेरी माटी’ अभियान के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों से एकत्रित मिट्टी का उपयोग इस संकल्प वृक्ष को सिंचित करने के लिए किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सैन्य इवेंट प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम, सामरिक क्षमता और तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। इवेंट पवेलियन में सेना दिवस परेड, रण हुंकार, एकीकृत युद्ध प्रदर्शन और सैन्य प्रदर्शनी की झलक दिखाई गई, जो 15 जनवरी 2027 को भोपाल में होने वाले सेना दिवस आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करती है।
‘अनेकता में एकता ही मध्यप्रदेश की विशेषता’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को 71वें स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का अवसर है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर से 15 जनवरी 2027 तक भोपाल की धरती पर भारतीय सेना अपने अदम्य पराक्रम, पुरुषार्थ और शौर्य का प्रदर्शन करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 55 जिलों से मिट्टी का एकत्रित होना इस बात का प्रमाण है कि अलग-अलग बोलियों, संस्कृतियों और विविधताओं के बावजूद मध्यप्रदेश एक है। उन्होंने कहा, “हम भारतीय अनेकता में एकता का संदेश प्रसारित करते हैं, यही हमारी विशेषता है।”
सेना दिवस का आयोजन युवाओं के लिए बनेगा प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सैन्य व्यवस्था में अनेक नवाचार हुए हैं। अग्निवीर योजना के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रसेवा का संकल्प विकसित करने की पहल भी महत्वपूर्ण है। एनसीसी युवाओं को देशभक्ति, सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन के संस्कार देती है, जो जीवनभर प्रेरणा का स्रोत बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार भोपाल में सेना दिवस के माध्यम से भारतीय सेना के अदम्य साहस और पराक्रम का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। यह आयोजन प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी सौगात बनेगा।

2026 किसान कल्याण वर्ष, 2027 होगा युवा वर्ष
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में हर वर्ष को एक विशेष वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है। वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जबकि वर्ष 2027 ‘युवा वर्ष’ होगा। उन्होंने कहा कि युवा वर्ष की शुरुआत भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और पुरुषार्थ के प्रदर्शन के साथ होना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है।
सेना और एनसीसी की अनूठी पहल
कार्यक्रम में भारतीय सेना और एनसीसी की पहल के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों से मिट्टी एकत्रित कर कलशों में लाई गई। पौधरोपण के दौरान इन कलशों की मिट्टी अर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने इसे मध्यप्रदेश की एकता, अखंडता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बताया। उन्होंने सेना और एनसीसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन प्रदेश के स्थापना दिवस को राज्य की प्रगति और भारतीय सेना के शौर्य से जोड़ने का अनूठा अवसर है। स्थापना दिवस पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मंत्रिपरिषद के सदस्य अलग-अलग जिलों में शामिल होंगे। किसान कल्याण वर्ष के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे।