Edited By Vikas Tiwari, Updated: 01 Nov, 2026 06:47 PM

मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के विकास के लिए अब अलग से एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी (MSME-IDC) का गठन किया जाएगा। यह...
भोपाल: मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के विकास के लिए अब अलग से एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी (MSME-IDC) का गठन किया जाएगा। यह सरकारी कंपनी प्रदेश में छोटे और मध्यम उद्योगों को जमीन, बुनियादी सुविधाएं और औद्योगिक विकास से जुड़ी आवश्यकताएं उपलब्ध कराने का काम करेगी।
मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के उद्यमियों और स्टार्टअप संचालकों को कई बड़ी सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 900 से अधिक MSME इकाइयों को 450 करोड़ रुपये से ज्यादा और 120 से अधिक स्टार्टअप्स को 47.80 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि अंतरित की।
निजी निवेशक भी बना सकेंगे औद्योगिक पार्क
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब निजी निवेशक भी प्रदेश में औद्योगिक पार्क विकसित कर सकेंगे। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में अगले दो महीने के भीतर MSME इकाइयों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस तरह मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम बड़े निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने का काम करता है, उसी तर्ज पर नई MSME औद्योगिक विकास कंपनी छोटे और मध्यम उद्यमों के विकास के लिए समर्पित होगी। इस कंपनी का पूर्ण स्वामित्व राज्य सरकार के पास रहेगा।
75 औद्योगिक भूखंडों के आशय-पत्र बांटे, 640 रोजगार के अवसर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 75 औद्योगिक भूखंडों के लिए आशय-पत्र भी प्रदान किए। इन भूखंडों के माध्यम से लगभग 83 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है, जिससे करीब 640 नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को भी लाभ वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमियों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके नवाचार, निवेश और उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग देगी।
2028 तक 30 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य
कार्यक्रम में MSME मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि पिछले एक साल में उद्यमियों को 1,250 औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में यह संख्या 3,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वहीं, वर्ष 2028 तक 30 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और कुल 5,000 उद्योगों को औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने की योजना है। मंत्री ने MSME और स्टार्टअप्स को दी जा रही प्रोत्साहन राशि को उद्यमियों के लिए सरकार का दीपावली उपहार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि तभी संभव है, जब समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। सरकार उद्योग, निवेश, नवाचार, कृषि और पशुपालन सहित सभी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।