Edited By Himansh sharma, Updated: 22 Oct, 2026 05:04 PM

मध्य प्रदेश भाजपा के भीतर आंतरिक स्तर पर एक बड़े सांगठनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
भोपाल: मध्य प्रदेश भाजपा के भीतर आंतरिक स्तर पर एक बड़े सांगठनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय और ऊर्जावान बनाने के लिए कई सांगठनिक जिलों के अध्यक्षों को बदलने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य निष्क्रिय पदाधिकारियों की जगह नए चेहरों को आगे लाना है।
समन्वय बैठकों के बाद चर्चाएं तेज
हाल ही में भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच हुई महत्वपूर्ण समन्वय बैठकों के बाद इस रणनीतिक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी उन क्षेत्रों और जिलों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, जहाँ आगामी राजनैतिक प्राथमिकताओं और स्थानीय निकाय स्तर पर संगठन को और अधिक सक्रियता की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
परफॉर्मेंस और समीकरणों को दी जाएगी प्राथमिकता
जानकारों का मानना है कि भाजपा अपनी सांगठनिक नियुक्तियों में हमेशा क्षेत्रीय और आंतरिक संतुलन का विशेष ध्यान रखती है। इस संभावित फेरबदल में भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और केंद्रीय नेतृत्व के आपसी समन्वय को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं की रायशुमारी और पदाधिकारियों के परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड को ही आधार बनाया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार के आंतरिक असंतोष की गुंजाइश न रहे।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
हालांकि, संगठन की स्थापित परंपराओं के अनुसार जब तक केंद्रीय आलाकमान की अंतिम मंजूरी और प्रदेश नेतृत्व की ओर से आधिकारिक सूची जारी नहीं कर दी जाती, तब तक किसी भी नाम या जिले के बदलाव पर अंतिम मुहर नहीं मानी जा सकती। वर्तमान में सांगठनिक स्तर पर यह प्रक्रिया आंतरिक समीक्षा के दौर में है और तब तक मौजूदा पदाधिकारी ही अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।