Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Oct, 2026 12:38 PM

मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक सुस्ती को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने अब बड़े फैसले लेने की तैयारी कर ली है। '
भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक सुस्ती को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने अब बड़े फैसले लेने की तैयारी कर ली है। 'संगठन सृजन अभियान' के तहत प्रदेश भर की जिला इकाइयों के कामकाज की गहन समीक्षा पूरी हो चुकी है। इस आंतरिक मूल्यांकन के बाद उन जिला अध्यक्षों के पत्ते कटना लगभग तय माना जा रहा है, जिनका प्रदर्शन कसौटी पर खरा नहीं उतरा है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच दिल्ली से लेकर भोपाल तक हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद, निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का खाका पूरी तरह तैयार है।
रैंकिंग प्रणाली और कलर कोड से तय हुआ भविष्य:
कांग्रेस ने इस बार जिला अध्यक्षों के मूल्यांकन के लिए सख्त रैंकिंग प्रणाली अपनाई है। सूत्रों के मुताबिक, करीब 6 से 8 जिला अध्यक्षों का प्रदर्शन 'D' कैटेगरी (सबसे खराब) में पाया गया है। इन क्षेत्रों में जल्द ही नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
अक्टूबर-नवंबर में बड़े बदलाव की उम्मीद:
त्योहारों का सीजन (नवरात्रि और दशहरा) बीतने के बाद अब संगठन में बदलाव की फाइलें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। अगले एक महीने के भीतर बदलाव की पहली सूची जारी हो सकती है, जिसमें क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
विभागों के बाद अब जिलों की बारी:
इससे पहले हाईकमान के निर्देश पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों और प्रकोष्ठों (cells) की पुरानी इकाइयों को भंग कर दिया गया था। अब जिला स्तर पर यह कार्रवाई संगठन को री-स्ट्रक्चर करने का दूसरा सबसे बड़ा कदम है।
मिशन 2028 पर सीधा निशाना:
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी के मार्गदर्शन में चल रही यह पूरी कवायद साल 2028 में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर की जा रही है, ताकि ऐन वक्त पर संगठन में किसी तरह की ढिलाई न रहे।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिन जिला अध्यक्षों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर गुटबाजी की शिकायतें हैं, जो जिला मुख्यालयों में सक्रिय नहीं रहे या जिनकी बढ़ती उम्र के कारण जमीनी संघर्ष प्रभावित हो रहा है, उन्हें ससम्मान हटाकर नए और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को आगे लाया जाएगा।