MP पुलिस महकमे में महा-सर्जरी की तैयारी: दिवाली के बाद बदलेंगे कई जिलों के SP, इन कप्तानों पर गिरेगी गाज

Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Nov, 2026 04:03 PM

mp police reshuffle several district sps to be replaced post diwali

मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों की जमीन तैयार हो चुकी है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों की जमीन तैयार हो चुकी है। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में राज्य के गृह विभाग द्वारा देर रात जारी की गई पुलिस अधीक्षकों की तबादला सूची तो महज एक शुरुआत थी। सूत्रों और प्रशासनिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के मुताबिक, दिवाली के त्यौहार और वीआईपी मूवमेंट के संपन्न होते ही प्रदेश के कई अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को बदला जा सकता है। आगामी फेरबदल को लेकर वल्लभ भवन (मंत्रालय) स्तर पर जमीनी कसरत पूरी हो चुकी है।

हालिया फेरबदल में इन जिलों के बदले जा चुके हैं पुलिस कप्तान

प्रशासनिक कसावट लाते हुए हाल ही में कई महत्वपूर्ण जिलों की कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई है:

सागर, देवास और बालाघाट: अक्टूबर के चौथे सप्ताह में सबसे पहले सागर और बालाघाट के पुलिस कप्तानों को बदला गया। देवास में भी सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नया कप्तान नियुक्त किया गया है।

बैतूल, पन्ना, आलीराजपुर, नर्मदापुरम और हरदा: इसके ठीक दो दिन बाद एक और बड़ी सूची जारी की गई। इसमें आलीराजपुर के पुलिस कप्तान को हटाकर भोपाल मुख्यालय भेजा गया, जबकि नर्मदापुरम में नए एसपी की तैनाती की गई। इसी तरह बैतूल, पन्ना और हरदा जिलों में भी नए पुलिस कप्तानों की पदस्थापना की गई है।

दिवाली के बाद क्यों है बड़े बदलावों की संभावना?

प्रशासनिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, लगभग 15 से 20 जिलों के पुलिस कप्तान इस समय रडार पर हैं। इसके मुख्य रूप से दो बड़े कारण सामने आ रहे हैं:

परफॉर्मेंस और अपराध नियंत्रण: सचिवालय और संगठन स्तर पर राज्य के सभी जिलों का परफॉर्मेंस फीडबैक तैयार किया गया है। जिन जिलों में अपराध नियंत्रण और स्थानीय कानून-व्यवस्था की स्थिति उम्मीद के मुताबिक नहीं पाई गई है, वहां के कप्तानों को मैदानी पोस्टिंग से हटाकर मुख्यालय भेजा जा सकता है।

स्थानीय समन्वय की कमी: 

सूत्रों के अनुसार, करीब आधा दर्जन जिलों से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ तालमेल न बैठ पाने की शिकायतें पहुंची थीं। प्रशासनिक संतुलन को बनाए रखने के लिए इन जिलों में नए चेहरे तैनात किए जाएंगे।

टल गई थी सूची, अब हरी झंडी का इंतजार

बताया जा रहा है कि गृह विभाग ने तबादलों की एक विस्तृत सूची पहले ही तैयार कर ली थी। लेकिन दिवाली के त्यौहार पर सुरक्षा व्यवस्था, पर्वों की संवेदनशीलता और बड़े नेताओं के दौरों को देखते हुए इस सूची को होल्ड पर रख दिया गया था, ताकि मैदानी स्तर पर सुरक्षा इंतजाम प्रभावित न हों। अब जबकि त्यौहार संपन्न हो चुके हैं, शीर्ष स्तर से हरी झंडी मिलते ही नए फेरबदल के आदेश किसी भी दिन जारी किए जा सकते हैं। इस संभावित प्रशासनिक सर्जरी का सीधा मकसद चुनौतीपूर्ण जिलों में अनुभवी और कड़क छवि वाले अधिकारियों को तैनात करना है, जिससे जमीनी स्तर पर पुलिसिंग का असर साफ दिखाई दे।

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