Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Oct, 2026 03:53 PM
मध्य प्रदेश में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मौजूदा DGP कैलाश मकवाना 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में प्रदेश के अगले पुलिस प्रमुख को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के नाम की है। यदि राज्य सरकार उनके नाम पर सहमति जताती है, तो मध्य प्रदेश पुलिस को पहली बार महिला DGP मिल सकती हैं।
नए DGP के चयन के लिए राज्य सरकार ने 12 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नामों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजा है। सूत्रों के मुताबिक, नवंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली में इस संबंध में उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। बैठक में पात्र अधिकारियों के नामों पर विचार कर तीन अधिकारियों का पैनल तैयार किया जा सकता है। इसके बाद राज्य सरकार को नए पुलिस प्रमुख के चयन पर अंतिम निर्णय लेना होगा।
प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के नाम पर टिकी निगाहें
इस पूरी चयन प्रक्रिया में प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का नाम खास तौर पर चर्चा में है। वर्तमान में वे पुलिस महानिदेशक (DG) होमगार्ड के पद पर कार्यरत हैं। वरिष्ठता और संभावित कार्यकाल के लिहाज से उनका नाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव फरवरी 2028 में सेवानिवृत्त होंगी। ऐसे में यदि उन्हें DGP की जिम्मेदारी मिलती है, तो लागू नियमों के तहत उनके संभावित कार्यकाल की अवधि भी अहम होगी। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य के DGP को सामान्यतः कम से कम दो वर्ष का कार्यकाल दिया जाना चाहिए, बशर्ते संबंधित अधिकारी निर्धारित पात्रता और अन्य शर्तें पूरी करते हों। यदि उनका चयन होता है, तो यह केवल मध्य प्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक बदलाव नहीं होगा, बल्कि प्रदेश में महिला नेतृत्व की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम साबित हो सकता है।
वरुण कपूर भी मजबूत दावेदार
नए DGP की दौड़ में वरुण कपूर का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। वे वर्तमान में DG जेल के पद पर पदस्थ हैं और वरिष्ठता सूची में उनका स्थान महत्वपूर्ण है। उनका सेवानिवृत्ति समय मई 2027 निर्धारित है। हालांकि, DGP के चयन में केवल वरिष्ठता ही निर्णायक नहीं होती। पात्रता, सेवा रिकॉर्ड, अनुभव और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर भी विचार किया जाता है। ऐसे में वरुण कपूर की दावेदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उपेंद्र जैन का अनुभव भी अहम
तीसरे प्रमुख दावेदार के रूप में उपेंद्र जैन का नाम सामने आ रहा है। वे वर्तमान में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के DG हैं। आर्थिक अपराधों की जांच और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा उनका अनुभव उनके पक्ष में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपेंद्र जैन अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। यदि उन्हें DGP पद के लिए चुना जाता है, तो उनके संभावित कार्यकाल की अवधि और आगामी महत्वपूर्ण प्रशासनिक चुनौतियां भी चयन प्रक्रिया में चर्चा का विषय बन सकती हैं।
सिंहस्थ से चुनाव तक, नए DGP के सामने होंगी बड़ी चुनौतियां
मध्य प्रदेश के अगले पुलिस प्रमुख के सामने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी ही नहीं होगी, बल्कि आगामी बड़े आयोजनों और चुनावों के दौरान पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा। उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ 2028 जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की बड़ी चुनौती रहेगी। इसके अलावा आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना भी पुलिस नेतृत्व की अहम जिम्मेदारियों में शामिल होगा।
नवंबर के पहले सप्ताह में तस्वीर हो सकती है साफ
फिलहाल प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, वरुण कपूर और उपेंद्र जैन के नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं। हालांकि, अंतिम चयन को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। UPSC की प्रक्रिया और राज्य सरकार के निर्णय के बाद ही नए DGP के नाम पर आधिकारिक मुहर लगेगी।
अब सबकी निगाहें नवंबर के पहले सप्ताह में होने वाली संभावित बैठक पर टिकी हैं। यदि प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के नाम पर सहमति बनती है, तो मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी महिला अधिकारी को सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी मिलने का रास्ता खुल सकता है।