Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Oct, 2026 01:57 PM
MP Panchayat Election 2027: मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश की करीब 23 हजार ग्राम पंचायतों में अप्रैल-मई 2027 के दौरान चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चुनाव की तारीखों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। चुनाव से पहले राज्य सरकार पंचायत राज व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी भी कर रही है। इसके तहत ग्रामसभा के अधिकारों में फेरबदल और पंचायतों को नगरपालिकाओं की तर्ज पर टैक्स लगाने का अधिकार देने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
पिछले पंचायत चुनाव जून-जुलाई 2022 में हुए थे। ऐसे में आगामी चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। चुनाव से पहले मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नई मतदाता सूची एक जनवरी 2027 की स्थिति के आधार पर तैयार किए जाने की बात कही गई है।
पंचायत चुनाव से पहले बदल सकते हैं नियम
पंचायत चुनाव से पहले सरकार पंचायत राज नियमों में संशोधन की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित बदलावों के तहत ग्रामसभा की अनिवार्यता बरकरार रखते हुए उसके कुछ अधिकार पंचायत समितियों को सौंपने की योजना है। सरकार इस व्यवस्था को नवंबर तक लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए अधिसूचना जारी करने की तैयारी भी बताई गई है।
ग्रामसभा गांव के विकास, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा करने का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में उसके अधिकारों के हस्तांतरण से पंचायतों के कामकाज और निर्णय लेने की प्रक्रिया में बदलाव आ सकता है। हालांकि, किन अधिकारों को किस तरह पंचायत समितियों को सौंपा जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
नगरपालिकाओं की तरह टैक्स वसूल सकेंगी पंचायतें?
पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार उन्हें नगरपालिका की तर्ज पर टैक्स लगाने का अधिकार देने पर भी विचार कर रही है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो पंचायतों को स्थानीय स्तर पर राजस्व जुटाने के नए अवसर मिल सकते हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पंचायतों को किन सेवाओं या गतिविधियों पर टैक्स लगाने की अनुमति मिलेगी। टैक्स की दरें क्या होंगी और नई व्यवस्था किन पंचायतों पर लागू होगी, इस बारे में भी अंतिम निर्णय का इंतजार है।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी दिए बदलाव के संकेत
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने हाल ही में बालाघाट जिले के वारासिवनी जनपद की ग्राम पंचायत गर्रा में आयोजित सरपंच सम्मेलन के दौरान पंचायत चुनाव और प्रस्तावित सुधारों को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि आगामी चुनाव पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से एक-दो महीने पहले कराने की तैयारी है, ताकि नई पंचायतों को समय पर जिम्मेदारी सौंपी जा सके।
मंत्री ने पंचायत राज नियमों में बदलाव और ग्रामसभा के अधिकार पंचायत समितियों को देने की प्रस्तावित व्यवस्था का भी उल्लेख किया था। इससे साफ है कि सरकार आगामी चुनाव से पहले पंचायत प्रशासन की संरचना और कार्यप्रणाली में बदलाव पर विचार कर रही है।
25 दिसंबर को 2,472 पंचायत भवनों का लोकार्पण
ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 2,472 पंचायत भवन तैयार किए गए हैं। मंत्री के मुताबिक, इन भवनों का लोकार्पण 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर किया जाएगा। नए डिजाइन के तहत पंचायत भवनों को दो मंजिला बनाने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 37.50 लाख रुपये दिए गए हैं।
इसके अलावा प्रदेश में 3,700 से अधिक सामुदायिक भवनों का निर्माण भी कराया गया है। इनकी लागत 25 लाख से 48 लाख रुपये तक बताई गई है। पांच हजार से अधिक आबादी वाली पंचायतों में कम से कम दो सामुदायिक भवन बनाने की व्यवस्था की गई है।
चुनाव की आधिकारिक तारीखों का इंतजार
मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2027 में होने की संभावना है, लेकिन निर्वाचन कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। चुनाव की तारीख, चरणों और नामांकन की समय-सारणी की पुष्टि राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के बाद ही होगी।
आगामी महीनों में पंचायत राज नियमों में संशोधन, मतदाता सूची की तैयारी और चुनावी कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियां अहम रहेंगी। इसके साथ ही ग्रामसभा के अधिकारों और पंचायतों की टैक्स व्यवस्था पर होने वाले फैसलों का असर भी प्रदेश की ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।