Edited By meena, Updated: 09 Apr, 2026 07:54 PM

मध्य प्रदेश के जबलपुर में सामने आए एक सनसनीखेज देह व्यापार मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। असम की एक 25 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया है कि उसे बंधक बनाकर जबरन देह व्यापार कराया गया था...
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में सामने आए एक सनसनीखेज देह व्यापार मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। असम की एक 25 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया है कि उसे बंधक बनाकर जबरन देह व्यापार कराया गया था। अब पीड़िता ने पुलिस में नई शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि आरोपी पूर्व भाजपा नेता के परिवार वाले उस पर समझौते का दबाव बना रहे हैं और उसे धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता ने डर के बावजूद हिम्मत दिखाते हुए ओमती थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
होटल में बंधक बनाकर कराया जाता था देह व्यापार
यह मामला बीते साल जून में उस समय उजागर हुआ था जब गढ़ा बाजार स्थित ‘अतिथि’ होटल में पुलिस ने छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान होटल से युवती को मुक्त कराया गया था, जिसे कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था। पीड़िता ने होटल संचालक और पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष अतुल चौरसिया पर गंभीर आरोप लगाए थे कि वह उसे ग्राहकों के पास भेजकर देह व्यापार करवाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
लंबे समय तक शोषण और आर्थिक धोखाधड़ी
पीड़िता के अनुसार वह करीब तीन साल पहले जबलपुर आई थी, जहां उसकी मुलाकात अतुल चौरसिया और शीतल दुबे से हुई। आरोप है कि उसे होटल में रहने के लिए कमरा दिया गया और फिर धीरे-धीरे उसे इस अवैध धंधे में धकेल दिया गया। ग्राहक से मिलने वाली रकम आरोपी अपने पास रखते थे और पीड़िता को उसका हिस्सा नहीं दिया जाता था। करीब ढाई साल तक लगातार शोषण के बाद वह किसी तरह वहां से निकल पाई और किराए के कमरे में रहने लगी। जब उसने अपने पैसे मांगे तो आरोपियों ने इंकार कर दिया, जिसके बाद उसने पुलिस का सहारा लिया।
राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई
मामले के सामने आने के बाद आरोपी को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। पुलिस के अनुसार होटल में आने वाले ग्राहकों से कमरे का किराया अलग से लिया जाता था और युवतियों के नाम पर अतिरिक्त रकम वसूली जाती थी। अब पीड़िता द्वारा लगाए गए नए आरोपों के बाद मामले की जांच और तेज हो सकती है। यह प्रकरण न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।