MLA निर्मला सप्रे केस से नया और बड़ा मोड़,कोर्ट में कहा- वो अभी भी कांग्रेस में है,सिंघार को पुख्ता सबूत पेश करने का आदेश

Edited By Desh Raj, Updated: 01 Apr, 2026 07:00 PM

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प्रदेश के बहुचर्चित बीना विधायक निर्मला सप्रे मामले में एक बड़ा और अहम मोड़ सामने आया है। इस मामले पर विधायक निर्मला सप्रे के वकील ने कोर्ट में दावा किया है किया वो अभी भी कांग्रेस में हैं। इस बयान के बाद यह केस और मोड़ लेता दिख रहा है।

(जबलपुर): प्रदेश के बहुचर्चित बीना विधायक निर्मला सप्रे मामले में एक बड़ा और अहम मोड़ सामने आया है। इस मामले पर विधायक निर्मला सप्रे के वकील ने कोर्ट में दावा किया है किया वो अभी भी कांग्रेस में हैं। इस बयान के बाद यह केस और मोड़ लेता दिख रहा है।

मामले पर निर्मला सप्रे ने दी सफाई,कहा- वो अब भी कांग्रेस सदस्य

जबलपुर हाईकोर्ट के डिवीजनल बैंच में हुई सुनवाई के दौरान  इस मामले में निर्मला सप्रे के वकील ने कोर्ट में उनका पक्ष रखा है और कहा है कि वह अब भी कांग्रेस की सदस्य हैं। इसके साथ ही उन्होंने दलबदल के आरोपों को भी खारिज कर दिया है। निर्मला सप्रे ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। लिहाजा निर्मला सप्रे के इस बयान के बाद ये मामला और रोमांचक औऱ दिलचस्प हो गया है।  क्योंकि अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं.

आपको बता दें कि  यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।  याचिका में उमंग सिंघार ने मांग की है कि बीना विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता को शून्य घोषित किया जाए। क्योंकि लोकसभा चुनाव के दौरान निर्मला सप्रे ने कांग्रेस को छोड़कर BJP का दामन थाम लिया था, जो दलबदल कानून के तहत नियमों का उल्लंघन है।

दलबदल से जुड़े पक्के सबूत पेश करने का दिया समय

हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए नेता प्रतिपक्ष सिंघार को दलबदल से जुड़े पुख्ता सबूत पेश करने का समय दिया है. कोर्ट ने कहा है कि 9 अप्रैल तक पार्टी व्हिप से जुड़े दस्तावेज और दूसरे प्रमाण पेश किए जाएं। ताकि साफ हो सके कि वास्तव में दलबदल हुआ है या नहीं। लिहाजा मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।

Social Media को  कोर्ट ने नहीं माना पुख्ता आधार

 

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वही कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया की तस्वीरों को निर्णायक साक्ष्य नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने कहा किसी व्यक्ति द्वारा किए गए  पोस्ट के आधार पर संबंधित स्थिति तय नहीं की जा सकती।

क्या है निर्मला सप्रे का पूरा मामला

दरअसल, निर्मला सप्रे बीना से कांग्रेस की टिकट पर जीत तो गई लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार न बन सकी। ऐसे में निर्मला सप्रे ने 5 मई 2024 को लोकसभा चुनावी प्रचार में राहतगढ़ में सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ मंच सांझा किया तो राजनीति में तहलका मच गया। इतना ही नहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के हाथों मंच पर भाजपा का गमछा गले में डाला और यह ऐलान किया गया कि निर्मला सप्रे ने बीजेपी जॉइन कर ली है। सप्रे ने भी कहा कि वे बीना के विकास के लिए बीजेपी के साथ आई हैं। लेकिन वे औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता नहीं ले पाई। इसके बाद उन्होंने भाजपा प्रत्याशी लता वानखेड़े के लिए चुनाव प्रचार भी किया और कांग्रेस से दूरी बना ली।

 

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