Edited By Himansh sharma, Updated: 30 Mar, 2026 03:09 PM

मध्य प्रदेश में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही प्रॉपर्टी बाजार में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही प्रॉपर्टी बाजार में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 अप्रैल से राज्यभर में कलेक्टर गाइडलाइन दरों में औसतन 16 प्रतिशत तक बढ़ोतरी लागू होगी, जिससे मकान और जमीन खरीदना पहले से महंगा पड़ने वाला है। केंद्रीय मूल्यांकन समिति की बैठक में जिला स्तर से आए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। समीक्षा के दौरान सामने आया कि प्रदेश की करीब 1.05 लाख लोकेशन में से 65,300 स्थानों पर गाइडलाइन दरें बढ़ाई जाएंगी। यह निर्णय पिछले पांच वर्षों के रजिस्ट्री ट्रेंड, स्थानीय परिस्थितियों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
निर्माण लागत बढ़ने से और बढ़ेगी कीमत
सिर्फ जमीन ही नहीं, अब मकान बनाना भी महंगा होगा। करीब पांच साल बाद पक्के मकानों की निर्माण लागत में बढ़ोतरी की गई है। नई व्यवस्था के तहत निर्माण लागत में 1000 रुपये प्रति वर्गमीटर का इजाफा किया गया है, जिसका सीधा असर उन संपत्तियों पर पड़ेगा जिनकी रजिस्ट्री निर्माण लागत के आधार पर होती है।
प्रीमियम अपार्टमेंट पर अलग नियम
पहली बार प्रीमियम अपार्टमेंट को अलग श्रेणी में शामिल किया गया है। जिन अपार्टमेंट में स्विमिंग पूल, क्लब हाउस और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, उनकी गाइडलाइन दर सामान्य फ्लैट्स के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत अधिक तय की गई है।
कच्चे मकानों को राहत
सरकार ने कच्चे मकान और टीन शेड वाले घरों को राहत दी है। इनकी निर्माण लागत में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे निम्न आय वर्ग पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
खरीदारों की जेब पर असर
नई गाइडलाइन लागू होने के बाद प्रॉपर्टी रजिस्ट्री कराने वालों को अधिक शुल्क देना होगा। जानकारों का मानना है कि इससे रियल एस्टेट बाजार की रफ्तार पर भी असर पड़ सकता है और खरीदारों को अब पहले से ज्यादा बजट तैयार करना होगा। कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदना महंगा सौदा बनने जा रहा है, ऐसे में निवेश या खरीदारी की योजना बना रहे लोगों को नई दरों को ध्यान में रखकर फैसला करना होगा।