Edited By Desh Raj, Updated: 26 Mar, 2026 09:27 PM

मध्य प्रदेश के लोगों के लिए महंगाई का एक और झटका लगा है। अब प्रदेश में बिजली भी महंगी हो गई है। गुरुवार यानी आज से मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग की ओर से 2026-27 के लिए नई दरें तय कर दी गई हैं। दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी। गैस की किल्लत की बीच...
(भोपाल): मध्य प्रदेश के लोगों के लिए महंगाई का एक और झटका लगा है। अब प्रदेश में बिजली भी महंगी हो गई है। गुरुवार यानी आज से मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग की ओर से 2026-27 के लिए नई दरें तय कर दी गई हैं। दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी। गैस की किल्लत की बीच एमपी में बिजली भी महंगी हो गई है। वैसे आपको बता दें कि बिजली वितरण कंपनियों ने इस वर्ष टैरिफ में 10.19% वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, लेकिन आयोग ने 4.80% तक ही अनुमति दी । वैसे इस फैसले को उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ ही बिजली कंपनियों के घाटे और आर्थिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है.
एमपी में बिजली दरें 4.80% बढ़ी
एलपीजी किल्लत के बीच उपभोक्ताओं को बिजली का बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की दरों में औसतन 4.80% वृद्धि को मंजूरी के साथ ही लोगों की जेब पर भार पड़ना तय है।
इन उपभोक्ताओं को दी गई है राहत
बिजली की कीमतें वैसे 4.80% बढ़ी हैं लेकिन आयोग ने कुछ श्रेणियों के उपभोक्ताओं को राहत भी दी है। घरेलू निम्न आय वर्ग (LT4) के उपभोक्ताओं के टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं होगी। मेट्रो रेल (LT9) श्रेणी के लिए भी दरें पहले वाली ही रहेंगी। मतलब की इस फैसले से इन वर्गों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ने वाला है।
नए टैरिफ की कुछ खास बातें
नए टैरिफ में स्पष्ट है कि हाई टेंशन और एक्स्ट्रा हाई टेंशन वाले कंज्यूमर्स के लिए यूनिट आधारित बिलिंग ही की जाएगी। साथ ही रात के वक्त बिजली जलाने पर जो छूट मिलती है, वो भी जारी रहेगी। प्री-पेड मीटर और ऑनलाइन बिलिंग पर छूट मिलती रहेगी। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर वाले कंज्यूमर को सोलर के वक्त ऊर्जा शुल्क पर 20 फीसदी तक की छूट मिलेगी।