MP में 1 अप्रैल से बदल रहे कई नियम, जानें क्या है नई कलेक्टर गाइडलाइन

Edited By meena, Updated: 30 Mar, 2026 02:10 PM

new collector line to be implemented in mp from april 1

मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से लागू होने जा रही नई कलेक्टर गाइडलाइन में राजधानी भोपाल के मेट्रो कॉरिडोर के आसपास जमीन की दरों को लगातार दूसरे साल नहीं बढ़ाया गया है। सरकार का यह कदम सीधे...

भोपाल : मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू होने जा रही है। इसके तहत घर, दफ्तर और बाजार एक ही जगह होंगे। नई कलेक्टर गाइडलाइन में राजधानी भोपाल के मेट्रो कॉरिडोर के आसपास जमीन की दरों को लगातार दूसरे साल नहीं बढ़ाया गया है। सरकार का यह कदम सीधे तौर पर विकास को गति देने की रणनीति से जुड़ा है। कम दरें रखने का उद्देश्य निवेशकों, बिल्डर्स और आम लोगों को आकर्षित करना है, ताकि मेट्रो के आसपास तेजी से निर्माण और शहरी विस्तार हो सके।

नई गाइडलाइन के अनुसार मेट्रो लाइन के किनारे जमीन की दरें 13 हजार रुपए से लेकर 40 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर तक तय की गई हैं। करोंद क्षेत्र में सबसे अधिक दर निर्धारित की गई है, जहां मेट्रो परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा विकसित हो रहा है। एम्स से करोंद तक करीब 16 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन में से 7 किलोमीटर पर संचालन भी शुरू हो चुका है, जिससे इन क्षेत्रों की व्यावसायिक संभावनाएं बढ़ गई हैं।

इस बार सरकार ने केवल कुछ प्रमुख इलाकों तक सीमित रहने के बजाय पूरी मेट्रो लाइन के 50 मीटर दायरे में दरें तय की हैं। भदभदा से रत्नागिरी तक प्रस्तावित लाइन को भी इसमें शामिल किया गया है। पहले जहां कई महत्वपूर्ण स्थानों के लिए अलग दरें तय नहीं थीं, अब ट्रांजिट आधारित योजना के तहत सभी क्षेत्रों को एक समग्र दृष्टिकोण से शामिल किया गया है, जिससे विकास अधिक संतुलित और योजनाबद्ध तरीके से हो सके।

क्या है ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट 

ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट TOD  एक शहरी प्लानिंग मॉडल है जिसमें:

  • मेट्रो/बस/रेलवे स्टेशनों के आसपास घर, ऑफिस और बाजार साथ विकसित किए जाते हैं
  • लोगों को कार पर कम निर्भर बनाया जाता है
  • पैदल चलना और साइकिल को बढ़ावा मिलता है
  • ट्रैफिक और प्रदूषण कम होता है। 

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