वाराणसी में गूंजेगा विकास का बिगुल: MP–UP सहयोग सम्मेलन 2026 से निवेश, निर्यात और धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 28 Mar, 2026 08:06 PM

mp up collaboration summit 2026 in varanasi to boost investment

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार 31 मार्च 2026 को वाराणसी में आयोजित होने वाले ‘एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026’ के जरिए अंतरराज्यीय सहयोग को नई दिशा देने जा रही है। यह सम्मेलन ओडीओपी, जीआई टैग, पारंपरिक शिल्प, निर्यात योग्य...

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार 31 मार्च 2026 को वाराणसी में आयोजित होने वाले ‘एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026’ के जरिए अंतरराज्यीय सहयोग को नई दिशा देने जा रही है। यह सम्मेलन ओडीओपी, जीआई टैग, पारंपरिक शिल्प, निर्यात योग्य उत्पादों, निवेश और पर्यटन को एकीकृत कर एक मजबूत आर्थिक इकोसिस्टम तैयार करने पर केंद्रित रहेगा।

कार्यक्रम की शुरुआत काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से होगी, जहां क्राउड मैनेजमेंट, अधोसंरचना और तीर्थ प्रबंधन के आधुनिक मॉडल का अवलोकन किया जाएगा। इस अनुभव के आधार पर मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास और तीर्थ पर्यटन को बेहतर बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी। सम्मेलन में ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर विशेष फोकस रहेगा। उत्तरप्रदेश के सफल ओडीओपी मॉडल के अनुभव साझा किए जाएंगे, जिससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात को बढ़ावा मिल सके।

इस दौरान मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच कई अहम एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे, जो व्यापार, औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, हस्तशिल्प और पर्यटन क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करेंगे। इन समझौतों के जरिए उद्योगों, उद्यमियों और शिल्पकारों के लिए नए अवसर सृजित होंगे। सम्मेलन उद्योग जगत, निवेशकों, शिल्पकारों, कृषि उत्पादकों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच देगा, जहां लॉजिस्टिक्स, अधोसंरचना और निवेश संभावनाओं पर व्यापक चर्चा होगी। वस्त्र, हस्तशिल्प, एमएसएमई, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भागीदारी इसे बहुआयामी बनाएगी। इसके साथ ही आयोजित प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के ओडीओपी उत्पाद, जीआई टैग हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र, औद्योगिक क्षमताएं और प्रमुख पर्यटन स्थल प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे निवेशकों को राज्य की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। जॉइंट आर्टिजन वर्कशॉप में चंदेरी और महेश्वरी शिल्पकार बनारसी सिल्क कारीगरों के साथ मिलकर ‘गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर’ को आगे बढ़ाएंगे, जिससे पारंपरिक शिल्प को नया बाजार और पहचान मिलेगी।

टूरिज्म राउंड टेबल में काशी-उज्जैन-चित्रकूट धार्मिक पर्यटन सर्किट के विकास पर चर्चा होगी, जिससे दोनों राज्यों में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन निवेश, निर्यात, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए क्षेत्रीय विकास का एक मजबूत मॉडल पेश करेगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच सहयोग को दीर्घकालिक और परिणामोन्मुख दिशा देने में अहम साबित होगा।

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