Edited By meena, Updated: 31 Mar, 2026 12:47 PM

उज्जैन अब केवल धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि तेजी से उभरता ऑटो इकोनॉमी हब बन गया है। 40 दिनों तक चले विक्रम व्यापार वाहन मेले ने इस साल नया इतिहास रच दिया। मेले में कुल 41,538...
उज्जैन (विशाल सिंह) : उज्जैन अब केवल धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि तेजी से उभरता ऑटो इकोनॉमी हब बन गया है। 40 दिनों तक चले विक्रम व्यापार वाहन मेले ने इस साल नया इतिहास रच दिया। मेले में कुल 41,538 वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री हुई, जिसने पिछले सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए ग्वालियर को भी पछाड़ दिया।
इस बार सबसे खास बात रही चार पहिया वाहनों की जबरदस्त मांग। कुल बिक्री में से 32,548 फोर-व्हीलर रहे, जो करीब 78 प्रतिशत है। यह साफ संकेत है कि अब उपभोक्ता टू-व्हीलर से आगे बढ़कर प्रीमियम मोबिलिटी की ओर रुख कर रहे हैं। यहां तक कि साढ़े तीन करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाली लग्जरी कार की बिक्री ने मालवा क्षेत्र की बढ़ती क्रय शक्ति को भी दर्शाया है।
मेले की सफलता के पीछे आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट और ऑन-द-स्पॉट लोन सुविधा बड़ी वजह रही। इंजीनियरिंग कॉलेज ग्राउंड पर लगे 223 स्टॉल्स में डिजिटल लोन अप्रूवल और तुरंत डिलीवरी ने खरीदारों को आकर्षित किया। मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि राजस्थान से भी लोग वाहन खरीदने पहुंचे।
युवाओं में महिंद्रा थार और बोलेरो का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला, जबकि फीचर-समृद्ध कारों में किया सोनेट को खास पसंद किया गया। दोपहिया में रॉयल एनफील्ड बुलेट की लोकप्रियता बरकरार रही। आरटीओ को इस मेले से 225 से 250 करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद है, जिससे उज्जैन प्रदेश का नंबर-1 ऑटो मेला बनकर उभरा है।