Edited By meena, Updated: 19 Mar, 2026 06:23 PM

छतरपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ सागर लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है...
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ सागर लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी राहुल अग्रवाल को कलेक्ट्रेट परिसर से पकड़ा गया। वह केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित गांव की महिला से मुआवजा राशि दिलाने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था।
जानकारी के मुताबिक, किशनगढ़ क्षेत्र के नेगुवां गांव की रहने वाली 43 वर्षीय शगुंती बाई सौर, जो परियोजना से प्रभावित है, को विस्थापन के तहत करीब 12.50 लाख रुपये का मुआवजा मिलना था। आरोप है कि पटवारी राहुल अग्रवाल ने इस राशि को जारी कराने के एवज में 1.50 लाख रुपये की मांग की थी।

पीड़िता ने बताया कि आरोपी पटवारी लगातार दबाव बना रहा था और धमकी दे रहा था कि यदि पैसे नहीं दिए तो मुआवजा राशि वापस कर दी जाएगी। डर के चलते महिला ने पहले ही 40 हजार रुपये दे दिए थे। इसके बाद भी मांग जारी रही, जिस पर परेशान होकर उसने सागर लोकायुक्त से शिकायत की।

लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच कर ट्रैप प्लान किया और गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में ही आरोपी को 50 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई में निरीक्षक रोशनी जैन के नेतृत्व में टीम के सदस्य प्रधान आरक्षक शफीक खान, यशवंत सिंह तथा आरक्षक अरविंद नायक, राघवेंद्र सिंह, आदेश तिवारी और गोल्डी पासी शामिल रहे। इधर, पकड़े गए पटवारी राहुल अग्रवाल ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे जबरन फंसाया गया है और उसने कोई रिश्वत नहीं ली है। उसने कलेक्ट्रेट में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने की बात कही है।

वहीं लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि आरोपी द्वारा बार-बार महिला पर पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत की पुष्टि के बाद योजना बनाकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।