fake marksheet: फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी पाने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार, ऐसे उठा फर्जीवाड़े से पर्दा

Edited By Devendra Singh, Updated: 25 Jun, 2022 03:31 PM

raigarh police disclosed fake marksheet racket

रायगढ़ में फर्जी मार्कशीट का प्रयोग कर भर्ती पाने वाले 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

रायगढ़ (पुनीराम रजक): रायगढ़ पुलिस ने शाखा डाकपाल और सहायक शाखा डाकपाल की भर्ती में फर्जी मार्कशीट का प्रयोग कर भर्ती पाने वाले 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कंप्यूटर, स्केनर, स्कूल का फर्जी सील मोहर सहित दो कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपियों में तीन अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जबकि चार अन्य लोगों ने इस फर्जीवाड़े में आरोपियों का साथ दिया था। मामला सिटी कोतवाली क्षेत्र का है।

स्वाति कंवर का मिला था फर्जी सर्टिफिकेट

दरअसल डाक विभाग ने मार्च 2021 में 218 पदों पर भर्ती निकाली थी। जिसमें शाखा डाकपाल के 64 और सहायक शाखा डाकपाल के 154 पद शामिल थे। भर्ती दसवीं के प्राप्तांकों के आधार पर थी। इन पदों पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। दस्तावेजों की जांच और स्क्रूटनी के दौरान डाक विभाग को कुछ अंकसूची के फर्जी होने का अंदेशा हुआ। विभाग ने जब सत्यापन किया तो अभ्यर्थी स्वाति कंवर का सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। विभाग ने सिटी कोतवाली में मामले की शिकायत की। इस पर कोतवाली पुलिस ने जब जांच शुरु की तो इस मामले में तीन और अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए। मामले की व्यापक जांच और पूछताछ में पुलिस फर्जी अंकसूची बनाने वाले एक गिरोह तक पहुंची जो अभ्यर्थियों को नौकरी लगाने का प्रलोभन देकर फर्जी अंकसूची तैयार करता था।

कंप्यूटर ऑपरेटर तैयार करता था फर्जी मार्कशीट

पुलिस के मुताबिक अभ्यर्थी स्वाति कंवर ने भर्ती के लिए सीपत बिलासपुर निवासी संजय शर्मा से संपर्क किया था। दलाल संजय शर्मा ने उसे जांजगीर जिले के हीरालाल गबेल से मिलवाया। हीरालाल गवेल पूर्व में ओपन स्कूल का अध्यक्ष रह चुका है। वह मालखरोदा के कंप्यूटर ऑपरेटर योगेंद्र धीरहे से फर्जी मार्कशीट तैयार कराता था। उसने सत्यापन के लिए अपने पास रखे सील, मुहर का गलत इस्तेमाल किया। पुलिस ने हीरालाल गबेल, योगेन्द्र धीरहे, संजय शर्मा को गिरफ्तार कर व्यापक पूछताछ की तो तीन अन्य नामों का खुलासा हुआ।

नौकरी लगाने का प्रलोभन देकर ऐंठते थे रुपए

पुलिस के मुताबिक आरोपी हीरालाल, साथियों के साथ मिलकर अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे और उन्हें किसी भी तरीके से नौकरी लगाने का प्रलोभन देकर रुपए ऐंठा करते थे। स्वाति कंवर के अलावा सरसीवा निवासी कृष्ण कुमार साहू ने भी इन्हें भर्ती के लिए इन्हें रकम दी थी। स्वाति के साथ साथ उसका जीजा लखेश्वर सिंह कंवर और कृष्ण कुमार साहू ने इनसे फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर नौकरी हासिल की थी।

आरोपियों से पुलिस कर रही है पूछताछ 

पुलिस ने जब तीनों आरोपियों से बारीकी से पूछताछ की तो सारे मामला खुलकर सामने आ गया। गिरोह का एक आरोपी भोजराम सिदार अभी भी फरार है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 हजार नगद, 10वींं का फर्जी सर्टिफिकेट, स्केनर, प्रिंटर, कंप्यूटर व दो कार सहित फोटोकॉपी मशीन जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ 420, 467, 468, 471,34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 

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