Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Oct, 2026 03:49 PM

मध्य प्रदेश के सतना में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई में नगर निगम का एक सुपरवाइजर कथित तौर पर 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
सतना। मध्य प्रदेश के सतना में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई में नगर निगम का एक सुपरवाइजर कथित तौर पर 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। आरोप है कि उसने एक सफाईकर्मी की उपस्थिति दर्ज करने के बदले पैसों की मांग की थी। रीवा लोकायुक्त की टीम ने बिरला हॉस्पिटल के सामने ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ा। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
हाजिरी दर्ज कराने के लिए मांगे थे पैसे
मामले में शिकायतकर्ता राजकिशोर समुंद्रे (33) सतना के महात्मा गांधी वार्ड के निवासी हैं और नगर निगम में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत हैं। शिकायत के अनुसार, उन्होंने सितंबर महीने में 25 दिन काम किया था, लेकिन रजिस्टर में उनकी उपस्थिति कम दर्ज होने की बात सामने आई।
इस समस्या को लेकर जब उन्होंने संबंधित सुपरवाइजर बालकृष्ण आदिवासी से संपर्क किया, तो आरोप है कि हाजिरी ठीक कराने के एवज में 3 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपों का सत्यापन किया। इस दौरान रिश्वत की रकम को लेकर बातचीत की पुष्टि होने पर कार्रवाई की योजना बनाई गई।
लोकायुक्त ने बिछाया जाल, ट्रैप में पकड़ा गया आरोपी
शिकायत के आधार पर लोकायुक्त रीवा की टीम ने पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कार्रवाई की रणनीति तैयार की। इसके बाद बिरला हॉस्पिटल के सामने ट्रैप की कार्रवाई की गई, जहां सुपरवाइजर को रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की जानकारी सामने आई।
कार्रवाई में आरोपी बालकृष्ण आदिवासी (30) को पकड़ा गया। वह मूल रूप से रीवा जिले के जवा तहसील अंतर्गत ग्राम लोनी का निवासी बताया गया है। फिलहाल वह सतना के हनुमान नगर नई बस्ती में किराए के मकान में रह रहा था।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। अब प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में लोकायुक्त रीवा के निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया सहित टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।