Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Sep, 2026 05:27 PM

मध्य प्रदेश के खंडवा में लोकायुक्त इंदौर संभाग ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है।
खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): मध्य प्रदेश के खंडवा में लोकायुक्त इंदौर संभाग ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण यानी NVDA के उपयंत्री अशोक गौतम को 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। दरअसल, शिकायतकर्ता लखन राठौर, निवासी धूलवाड़ा, सनावद, जिला खरगोन ने 10 सितंबर 2026 को लोकायुक्त इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने वर्ष 2024 में NVDA पुनासा में चौकीदार कक्ष और जनरेटर कक्ष निर्माण का ठेका लिया था। काम पूरा होने के बाद उसे करीब 13 लाख रुपये का भुगतान मिल चुका था। हालांकि, शेष राशि के भुगतान और जमा की गई सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि वापस करने के एवज में उपयंत्री अशोक गौतम द्वारा 55 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई।
ऑफिस के तकनीकी कक्ष में बिछाया जाल
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने 23 सितंबर 2026 को ट्रैप की कार्रवाई की। इंस्पेक्टर सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया।
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28, पुनासा के कार्यालय स्थित तकनीकी कक्ष में जैसे ही आरोपी अशोक गौतम, पिता स्वर्गीय मंजूलाल गौतम, उम्र 61 वर्ष, ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 14 हजार रुपये लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी मूल रूप से ग्राम आलमपुर, जिला भिंड का निवासी है और वर्तमान में डेम कॉलोनी, नर्मदा नगर, खंडवा स्थित शासकीय आवास जी-253 में रह रहा है।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है। कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय कुमार, विवेक मिश्रा, आरक्षक कमलेश परिहार, शैलेन्द्र सिंह बघेल और कृष्णा अहिरवार शामिल रहे। लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस इंदौर से की जा सकती है।