Edited By Vandana Khosla, Updated: 17 Sep, 2026 03:41 PM

छतरपुर (राजेश चौरसिया): शौचालय निर्माण के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में छतरपुर जनपद की तत्कालीन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नीलम तिवारी को अदालत ने 3 साल की सजा सुनाई है। लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें 18 फरवरी 2020 को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।
छतरपुर (राजेश चौरसिया): शौचालय निर्माण के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में छतरपुर जनपद की तत्कालीन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नीलम तिवारी को अदालत ने 3 साल की सजा सुनाई है। लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें 18 फरवरी 2020 को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।
डीपीओ प्रवेश अहिरवार के अनुसार, नीलम तिवारी पर प्रत्येक शौचालय के एवज में 500 रुपए रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते पकड़ा था। मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
6 साल बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद छतरपुर अदालत में न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव की अदालत ने फैसला सुनाते हुए नीलम तिवारी को 3 साल के कारावास की सजा सुनाई। मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई के करीब छह साल बाद न्यायालय का फैसला आया है।