MP में नहीं थम रहा रिश्वतखोरी का खेल! 2000 की रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा, दुकान के नामांतरण के लिए मांगी थी घूस

Edited By Vandana Khosla, Updated: 02 Oct, 2026 12:13 PM

bribery racket continues unabated in mp patwari caught red handed

एमपी डेस्कः मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आए दिन अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत के आरोप में पकड़े जाते है। वहीं, लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू की टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की गई। लेकिन, बावजूद इसके...

एमपी डेस्कः मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आए दिन अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत के आरोप में पकड़े जाते है। वहीं, लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू की टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की गई। लेकिन, बावजूद इसके भष्टाचार अंतिम चरण है। ताजा मामला जबलपुर में से सामने आया है। यहां 2000 रूपए की रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार गया है। बताया गया कि दुकान के नामांतरण के लिए घूस मांगी थी।

शिकायतकर्ता शरद विश्वकर्मा ने बताया कि उसकी मां राधा विश्वकर्मा के नाम ग्रीन सिटी में एक दुकान खरीदी गई थी। दुकान के नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय अधारताल में आवेदन दिया गया था। इसी दौरान हल्का क्रमांक-2 के पटवारी मनोज बघेल से संपर्क किया। आरोप है कि पटवारी ने दुकान के नामांतरण के लिए 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। लेकिन, शरद उसे रिश्वत नहीं देना चाहता था। इसीलिए उसने सीधा ईओडब्ल्यू कार्यालय में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के सत्यापन के बाद ईओडब्ल्यू ने ट्रैप की कार्रवाई की। रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 2 हजार रुपये लेकर पटवारी ने शिकायतकर्ता को कृषि उपज मंडी परिसर स्थित गायत्री मंदिर के पास बुलाया। जैसे ही पटवारी ने पीड़ित से रिश्वत की रकम ली। ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। 

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