Edited By Vandana Khosla, Updated: 16 Sep, 2026 10:18 AM

भोपाल: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते वेयरहाउसिंग के कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि मूंग उपार्जन की एनओसी जारी करने के एवज में घूस मांगी थी।...
भोपाल: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते वेयरहाउसिंग के कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि मूंग उपार्जन की एनओसी जारी करने के एवज में घूस मांगी थी। मामले में निगम के कनिष्ठ सहायक की भूमिका भी सामने आई है। दोनों अपराधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता जसलपुर निवासी संदीप कुमार परसाई ने बताया कि वह सहकारी सेवा समिति में सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। साथ ही वह मूंग उपार्जन का काम भी करते हैं। उन्होंने शिकायत की थी कि मूंग उपार्जन की एनओसी जारी करने और भुगतान से जुड़े काम कराने के एवज में वेयरहाउसिंग के कर्मचारी भारत यादव ने 1.30 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। 8 सितंबर को रिश्वत के 40 हजार रुपये ले चुका था। जबकि एनओसी जारी करने के लिए 90 हजार रुपये और मांगे जा रहे थे। लेकिन, संदीप उसे रिश्वत नहीं देना चाहता था। इसीलिए लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की। यह पूरा मामला नर्मदापुरम के मीनाक्षी चौराहे स्थित अग्रवाल होटल का है।
शिकायत के सत्यापन के बाद 15 सितंबर को भोपाल लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप योजना बनाई। सूत्रों के मुताबिक, भारत यादव ने अपने अधीन काम करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी विपिन सिंह को 90 हजार रुपये लेने के लिए भेजा। जैसे ही विपिन सिंह ने शिकायतकर्ता से रकम ली, लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। लोकायुक्त दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।