10 हजार रुपए रिश्वत लेते सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल और बाबू को पकड़ा, ACB ने की बड़ी कार्रवाई

Edited By Vandana Khosla, Updated: 04 Sep, 2026 01:54 PM

government school principal and clerk caught accepting

रायपुरः छत्तीसगढ़ के जांजगीर—चांपा जिले में भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) के दल ने रिश्वत लेने के आरोप में सरकारी स्कूल की प्राचार्य और क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के किरारी...

रायपुरः छत्तीसगढ़ के जांजगीर—चांपा जिले में भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) के दल ने रिश्वत लेने के आरोप में सरकारी स्कूल की प्राचार्य और क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के किरारी गांव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड—तीन मनीष राठौर ने भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत की थी कि सहायक ग्रेड तीन के पद पर उसकी परिवीक्षा अवधि समाप्त होने पर उसका नियमितीकरण 2025 में हुआ है।

उन्होंने बताया कि उसका 2022 से जून 2026 तक का वेतन वृद्धि बकाया लगभग 80 हजार रुपए का उन्हें भुगतान होना है। उन्होंने बताया कि जब उसने स्कूल की प्राचार्य अंजुला सोनी ने संपर्क किया तब सोनी ने बकाया राशि निकालने के लिए 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की, जब प्रार्थी ने 10 हजार रूपए देने का निवेदन किया तब सोनी सहमत हो गई। उन्होंने बताया कि प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।

शिकायत का सत्यापन कराए जाने पर शिकायत सही पाए जाने के बाद जब बृहस्पतिवार को आरोपी अंजुला सोनी के सहयोगी ने प्रार्थी से 10 हजार रुपए प्राप्त किये तब एसीबी के दल ने आरोपी प्राचार्य और उसके सहयोगी बाबू सहायक ग्रेड-तीन विकास मसीह को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!