आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति के बदले एक लाख रिश्वत मांगी... 3 ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल, पर्यवेक्षक अधिकारी निलंबित

Edited By Vandana Khosla, Updated: 01 Sep, 2026 01:06 PM

bribe of one lakh demanded in exchange for anganwadi helper

सीधी (सूरज शुक्ला): सीधी आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति के बदले एक लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मझौली बाल विकास परियोजना में पदस्थ पर्यवेक्षक एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी ज्योति विश्वकर्मा को...

सीधी (सूरज शुक्ला): सीधी आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति के बदले एक लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मझौली बाल विकास परियोजना में पदस्थ पर्यवेक्षक एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी ज्योति विश्वकर्मा को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में रिश्वत मांगने से संबंधित तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने तथा नियुक्ति प्रक्रिया में एक माह से अधिक समय तक अनावश्यक देरी किए जाने की बात सामने आई है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पांड क्रमांक-01 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में सहायिका पद के लिए किरण बैगा ने एमपी ऑनलाइन चयन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया था। आवेदिका ने शिकायत में आरोप लगाया कि प्रभारी परियोजना अधिकारी ज्योति विश्वकर्मा द्वारा सहायिका पद पर नियुक्ति कराने के एवज में व्यक्तिगत रूप से तथा फोन पर एक लाख रुपए की मांग की गई थी। शिकायत का मामला शासन स्तर तक पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जांच में सामने आई तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग

विभागीय स्तर पर की गई जांच के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि नियुक्ति प्रक्रिया को जानबूझकर एक माह से अधिक समय तक लंबित रखा गया। इसी दौरान रिश्वत की मांग से संबंधित तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में सामने आईं। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभाग ने प्रभारी परियोजना अधिकारी के कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 1, 2 एवं 3 के विपरीत मानते हुए कदाचरण की श्रेणी में माना है।

31 अगस्त से निलंबन प्रभावी

विभाग द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत ज्योति विश्वकर्मा को 31 अगस्त 2026 से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना रामपुर नैकिन क्रमांक-01, जिला सीधी निर्धारित किया गया है।

निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। विभाग ने यह कार्रवाई शिकायत, विभागीय जांच और जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर की है। मामले में विभागीय कार्रवाई आगे भी नियमानुसार जारी रहने की जानकारी दी गई है।

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