Edited By Vandana Khosla, Updated: 03 Sep, 2026 12:22 PM

शहडोल (कैलाश ललवानी): जैतपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बोकरमार के पंचायत भवन का एक VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि VIDEO में हल्का पटवारी ज्ञान सिंह मार्गो पंचायत भवन के एक कमरे में कुछ लोगों के साथ बैठे हैं और शराब का...
शहडोल (कैलाश ललवानी): जैतपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बोकरमार के पंचायत भवन का एक VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि VIDEO में हल्का पटवारी ज्ञान सिंह मार्गो पंचायत भवन के एक कमरे में कुछ लोगों के साथ बैठे हैं और शराब का सेवन कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यह घटना 25 अगस्त की है। उस दिन वे फार्मर आईडी से संबंधित काम के लिए पंचायत भवन पहुंचे थे। आरोप है कि सरपंच के कक्ष में पटवारी शराब पी रहे थे और कमरे में मांस भी रखा हुआ था।
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने सरकारी भवन में शराब पीने का विरोध किया और फार्मर आईडी के काम को लेकर पटवारी से बात की तो उन्होंने कथित तौर पर नशे की हालत में ग्रामीणों से अभद्रता की। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी ने खुद को राजघराने का बताते हुए रौब झाड़ा और यह तक कहा कि अधिकारी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
अधिकारियों से शिकायत, कार्रवाई का इंतजार
मामले को लेकर ग्रामीणों ने जैतपुर एसडीएम, तहसीलदार, आरआई सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के साथ VIDEO की जानकारी भी अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक पटवारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने VIDEO सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक पटवारी ज्ञान सिंह मार्गो हल्का नंबर 54 में करीब 10 वर्षों से पदस्थ हैं। उनका आरोप है कि पंचायत भवन में शराब पीने की यह पहली घटना नहीं है और पटवारी अक्सर वहां बैठकर शराब का सेवन करते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
VIDEO की जांच जरूरी
VIDEO में दिखाई दे रही गतिविधियों और व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। लेकिन ग्रामीणों की शिकायत और VIDEO सामने आने के बाद मामले की जांच जरूरी हो गई है। पंचायत भवन ग्रामीणों के लिए सरकारी योजनाओं और सेवाओं का केंद्र है। यहां किसान फार्मर आईडी समेत कई जरूरी कामों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सरकारी भवन में शराब सेवन के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ कर्मचारी के आचरण का मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक भवन के इस्तेमाल और ग्रामीणों को मिलने वाली सरकारी सेवाओं से जुड़ा गंभीर सवाल भी है।