24 साल पहले ली थी रिश्वत, जांच में हुआ बड़ा खुलासा, कार्यपालन यंत्री को 5 साल की कैद

Edited By meena, Updated: 09 Sep, 2026 01:43 PM

the then executive engineer was sentenced to five years  imprisonment in a 24 ye

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की एक विशेष अदालत ने 24 साल पुराने, आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री कैलाशचंद्र...

खरगोन : मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की एक विशेष अदालत ने 24 साल पुराने, आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री कैलाशचंद्र परवाल को दोषी ठहराते हुए पांच साल के सश्रम कारावास और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक एवं सहायक निदेशक, अभियोजन प्रकाश सोलंकी ने बताया कि परवाल के खिलाफ मामला वर्ष 2002 में दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि छह सितंबर 2002 को धार निवासी शैलेन्द्र जोशी ने लोकायुक्त में शिकायत की थी कि तत्कालीन कार्यपालन यंत्री परवाल ने उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त ने परवाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। सोलंकी ने बताया कि मामले की विवेचना के दौरान परवाल की ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद खरगोन, देवास और इंदौर स्थित उसके आवासों की तलाशी ली गई तथा बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों और अन्य निवेशों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।

जांच के मुताबिक, एक अगस्त 1981 से आठ सितंबर 2002 के बीच परवाल की ज्ञात स्रोतों से आय 34,64,528 रुपये थी, जबकि इस अवधि में उसने 1,08,70,213 रुपये खर्च किए। इस तरह 74,05,690 रुपये की संपत्ति और खर्च ज्ञात आय के स्रोतों से अनुपातहीन पाए गए, जो उसकी ज्ञात आय से 213.75 प्रतिशत अधिक थे।

लोकायुक्त इंदौर ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ई) सहपठित धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच पूरी की गई और मंडलेश्वर स्थित विशेष अदालत में आरोपपत्र पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने करीब 131 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 500 से अधिक दस्तावेज पेश किए। वहीं, बचाव पक्ष ने उच्च न्यायालय की अनुमति से सात गवाह पेश किए और करीब 350 दस्तावेज प्रस्तुत किए। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष अदालत के न्यायाधीश राजकुमार चौहान ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर परवाल को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को मंडलेश्वर उपजेल भेज दिया गया। 

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