Cancer Alert: इस शहर में तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मरीज, शरीर में दिखें ये संकेत तो तुरंत कराएं जांच

Edited By Himansh sharma, Updated: 30 Mar, 2026 02:00 PM

shocking rise in cancer cases in rewa doctors issue warning

मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र से चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल में पिछले 10 वर्षों के दौरान 5116 लोगों में कैंसर की पुष्टि हुई है।

रीवा। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र से चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल में पिछले 10 वर्षों के दौरान 5116 लोगों में कैंसर की पुष्टि हुई है। इनमें से 4885 मरीजों ने अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराया, जबकि कुछ मरीज बेहतर उपचार के लिए अन्य शहरों का रुख कर गए। यह आंकड़ा केवल उन मरीजों का है जो सरकारी अस्पताल तक पहुंचे, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।

इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है

विशेषज्ञों के मुताबिक, विंध्य क्षेत्र के कई मरीज जांच और इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाते हैं। अस्पताल में कैंसर वार्ड वर्षों पहले स्थापित हो गया था, लेकिन लंबे समय तक विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्टाफ की कमी बनी रही। 2014 के बाद कुछ सुधार जरूर हुए, लेकिन आज भी संसाधनों की कमी के कारण सभी सुविधाओं का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।

ओरल कैंसर के सबसे ज्यादा मामले

डॉक्टरों का कहना है कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा मरीज ओरल कैंसर के हैं। इसकी मुख्य वजह तंबाकू, गुटखा और बीड़ी का अधिक सेवन है। इसके अलावा बदलती जीवनशैली के चलते ब्रेस्ट, ओवरी और सर्वाइकल कैंसर के मामलों में भी तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। फास्ट फूड और मोटापा भी जोखिम बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं।

लंबा चलता है इलाज

कैंसर का इलाज एक लंबी प्रक्रिया है, जो कई मामलों में 5 साल तक चलती है। इसमें नियमित फॉलोअप जरूरी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मरीज समय पर इलाज शुरू करें और डॉक्टरों की सलाह का पालन करें, तो ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

देर से पहुंचते हैं मरीज

चिंता की बात यह है कि ज्यादातर मरीज तीसरी या चौथी स्टेज में अस्पताल पहुंचते हैं। इस स्थिति में इलाज मुश्किल हो जाता है और जान का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी, जांच सुविधाओं की सीमित पहुंच और इलाज का खर्च इसके बड़े कारण हैं।

कैंसर के शुरुआती लक्षण, जिन्हें नजरअंदाज न करें

अचानक वजन कम होना,लगातार थकान और कमजोरी,शरीर में बिना दर्द की गांठ बनना त्वचा के रंग या आकार में बदलाव, लंबे समय तक घाव का न भरना, लगातार दर्द की शिकायत, खांसी, पेशाब या मल में खून आना, महिलाओं में असामान्य रक्तस्राव, पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे सूजन, कब्ज या दस्त, निगलने में परेशानी .रात में पसीना या लगातार बुखार, मुंह के कैंसर के खास संकेत, मुंह में बार-बार छाले या घाव, जीभ, मसूड़ों या गालों पर सफेद/लाल धब्बे,गर्दन या मुंह में गांठ, आवाज में बदलाव, चबाने या निगलने में दिक्कत, दांतों का ढीला होना, मुंह से खून आना, समय पर जांच ही बचाव..

डॉक्टरों का साफ कहना है कि अगर इन लक्षणों में से कोई भी संकेत दिखे, तो देरी न करें और तुरंत जांच कराएं। समय पर पहचान और इलाज से कैंसर को हराया जा सकता है। जागरूकता, नियमित स्क्रीनिंग और स्वस्थ जीवनशैली ही इस गंभीर बीमारी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।

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