Edited By Vandana Khosla, Updated: 17 Apr, 2026 09:42 AM

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही राज्य के सरकारी कर्मचारियों को 2 बड़ी सौगातें देनें की तैयारी में है। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दी है। एमपी सरकार दो बच्चों वाले नियम में बदलाव करने जा रही है। सीएम ने पुराना नियम खत्म करने की...
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही राज्य के सरकारी कर्मचारियों को 2 बड़ी सौगातें देनें की तैयारी में है। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दी है। एमपी सरकार दो बच्चों वाले नियम में बदलाव करने जा रही है। सीएम ने पुराना नियम खत्म करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी हैं। इसके अलावा राज्य में लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों-पेंशनरों की स्वास्थ्य बीमा योजना की मांग भी अब सरकार पूरी करने जा रही है। बता दें कि कर्मचारी संगठनों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सीएम मोहन से मुलाकात की गई। इन दोनों मांगों पर मोहन यादव ने अपनी सहमती जताई और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश कर्मचारी संगठनों ने राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव से हाल ही में मुलाकात की है। जिसमें उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को सीएम के सामने रखा। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ एवं शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहे। जिन्होंने सीएम से दो बच्चों वाला पुराना नियम खत्म करने की मांग की। वहीं, सीएम ने कहा कि जल्द ही तीन या उससे ज्यादा बच्चों वाले लोगों को भी सरकारी नौकरी का मौका मिलेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे मुख्यमंत्री से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
क्या था पुराना नियम
साल 2001 में तत्कालीन सरकार ने सिविल सेवा नियमों में बदलाव कर यह प्रावधान लागू किया था। इसके तहत दो से ज्यादा बच्चे होने पर सरकारी नौकरी में नियुक्ति या नौकरी जारी रखने में दिक्कत आती थी। यानी उनको अपात्र माना जाता था। लेकिन, अब मोहन सरकार इस नियम को बदलने जा रही है। जिससे तीन या उससे ज्यादा बच्चों वाले लोगों को भी सरकारी नौकरी का मौका मिलेगा।
वहीं, कर्मचारियों-पेंशनरों की स्वास्थ्य बीमा योजना की मांग भी की गई। जिस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस योजना के तहत कर्मचारियों ओर पेंशनर्स का 20 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज होगा। लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की एक योजना तैयार की है। इस योजना को कुछ बदलाव करने के सुझावों के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिवों की समिति से मंजूरी मिल गई है। अब इस योजना को अंतिम फैसले के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।