एडवोकेट अनिल मिश्रा केस में हाईकोर्ट में सुनवाई, फैसला सुरक्षित

Edited By meena, Updated: 06 Jan, 2026 12:25 PM

the high court heard the case of advocate anil mishra and the judgment has been

हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में अनिल मिश्रा की रिट पिटीशन पर करीब 6 घंटे यानी सुबह 10:30 से शाम 4:50 तक डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। इस दौरान प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह...

ग्वालियर (अंकुर जैन) : हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में अनिल मिश्रा की रिट पिटीशन पर करीब 6 घंटे यानी सुबह 10:30 से शाम 4:50 तक डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। इस दौरान प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और शिकायतकर्ता के अधिवक्ता रामेश्वर ठाकुर जबलपुर से ऑनलाइन अपियर हुए। एक-एक मुद्दे पर सरकार पटीशनर और शिकायतकर्ता की ओर से बहस की गई।

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शिकायतकर्ता के अधिवक्ता का कहना था कि यह मामला रिट पिटीशन के तहत विचार योग्य नहीं है क्योंकि आरोपियों की ओर से जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई हिदायत का पालन नहीं किया गया न ही कोई अंडरटेकिंग दी गई। शिकायतकर्ता के वकील का यह भी कहना है कि जबलपुर हाईकोर्ट और ग्वालियर प्रशासन ने डॉ अंबेडकर विवाद को लेकर जारी की गई गाइडलाइन का पालन नहीं किया।

वकील अनिल मिश्रा की ओर से कहा गया था कि गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार के लोगों को सूचना नहीं दी गई। आखिरकार डिवीजन बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया है। संभावना है कि मंगलवार या बुधवार सुबह तक हाई कोर्ट का फैसला आ सकता है।

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उल्लेखनीय है कि वकील अनिल मिश्रा और उनके समर्थकों पर संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर के पोस्टर को जलाने और उनका चित्र को जूतों के नीचे रौंदने का आरोप है। क्राइम ब्रांच पुलिस ने दलित उत्पीड़न और आठ अन्य धाराओं में सात नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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