Edited By meena, Updated: 25 Jul, 2022 03:52 PM

श्रावण माह में इन दिनों शिव भक्ति अपने चरम पर हैं। यही वजह है कि सीहोर में अनूठी शिवलिंग के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। इस शिवलिंग की खासियत यह है कि इसपर एक हजार एक शिवलिंग उकेरी हुई है। तंत्र साधना में इस मूर्ति का विशेष महत्त्व होने...
सीहोर(धर्मेंद्र राय): श्रावण माह में इन दिनों शिव भक्ति अपने चरम पर हैं। यही वजह है कि सीहोर में अनूठी शिवलिंग के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। इस शिवलिंग की खासियत यह है कि इसपर एक हजार एक शिवलिंग उकेरी हुई है। तंत्र साधना में इस मूर्ति का विशेष महत्त्व होने के चलते यहां वर्षभर शिवभक्तों का आना-जाना लगा रहता है।
सीहोर शहर की सीवन नदी के किनारे बने बढ़ियाखेड़ी में श्री सहस्त्र लिंगेश्वर मंदिर में यह दिव्य प्रतिमा स्थापित है। मान्यता है कि इस शिवलिंग पर भक्तों को एक हजार एक गुना ज्यादा फल प्राप्त होता है। इस शिवलिंग में एक हजार एक शिवलिंग उकेरी हुई है। तंत्र साधना में इस मूर्ति का विशेष महत्त्व होने के चलते यहां वर्षभर शिवभक्तों का तांता लगा रहता है।

लगभग सवा दो फिट वाई दो फिट लंबाई और चौड़ाई की इस शिवलिंग को लेकर बताया जाता है कि यह सीवन नदी में बहकर आई थी। इसकी स्थापना नदी के किनारे बढ़ियाखेड़ी में कर एक मंदिर का निर्माण किया गया जिसका नाम श्री सहस्त्र लिंगेश्वर मंदिर रखा गया। यहां आने वाले भक्त इस मूर्ति की आराधाना और पूजा के दौरान एक दिव्य अनुभव करते हैं।