गुना हवाला कांड पर सियासी घमासान: पूर्व एसपी के समर्थन में उतरे लोग, वरिष्ठ भाजपा नेता की तीखी प्रतिक्रिया आई सामने

Edited By meena, Updated: 26 Mar, 2026 07:17 PM

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गुना जिले में सामने आए कथित एक करोड़ रुपये के हवाला कांड को लेकर सियासी माहौल गर्माता जा रहा है। पूर्व पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी के समर्थन में 25 मार्च को कलेक्टर के माध्यम से...

गुना (गौरव शर्मा) : गुना जिले में सामने आए कथित एक करोड़ रुपये के हवाला कांड को लेकर सियासी माहौल गर्माता जा रहा है। पूर्व पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी के समर्थन में 25 मार्च को कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन पर अब भाजपा के वरिष्ठ नेता विश्वनाथ सिंह सिकरवार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हवाला जैसे गंभीर भ्रष्टाचार के मामले में एक अधिकारी के समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह समाज को गलत संदेश देने वाला भी है।” उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को “मुट्ठी भर लोगों द्वारा प्रायोजित समर्थन” बताते हुए कहा कि ऐसे लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं, बल्कि उसके पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं।

“सम्मान होना चाहिए था, प्रदर्शन नहीं”

सिकरवार ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदर्शन किया, उन्हें जिले की नवागत पुलिस अधीक्षक हितिका वासल का स्वागत कर कानून व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करना चाहिए था। “अगर वे ऐसा करते तो यह संदेश जाता कि वे शहर की सुरक्षा और व्यवस्था के प्रति गंभीर हैं,” उन्होंने जोड़ा।

“कानून से ऊपर कोई नहीं”

भाजपा नेता ने कहा कि सिवनी की तर्ज पर गुना में सामने आए इस कथित हवाला कांड में यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए'' सिर्फ हटाना पर्याप्त नहीं है, दोषियों पर प्रकरण दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री के निर्णय का समर्थन

इस पूरे मामले में जांच अधिकारी डीआईजी अमित सांघी की रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई को सिकरवार ने सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि “प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ऐसे ही कठोर और निर्णायक कदम आवश्यक हैं।”

“एक अधिकारी ही नहीं, कई काबिल विकल्प मौजूद”

सिकरवार ने यह भी स्पष्ट किया कि “ऐसा नहीं है कि केवल एक ही अधिकारी जिले को संभाल सकता है। पुलिस विभाग में कई ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं, जो बेहतर कानून व्यवस्था दे सकते हैं।”

गुना का यह मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन चुका है। एक ओर जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ वर्ग द्वारा दिए जा रहे समर्थन ने इस मुद्दे को और अधिक संवेदनशील बना दिया है

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