हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: IAS राठी, पूर्व ACS मोहम्मद सुलेमान समेत चार वरिष्ठ अधिकारियों को दो-दो महीने की सजा

Edited By meena, Updated: 25 Mar, 2026 12:56 PM

former acs mohammed suleman ias rathi and 2 other senior officials sentenced t

मध्य प्रदेश के चार वरिष्ठ अधिकारियों पर हाईकोर्ट ने सख्त और अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व एसीएस (ACS) मोहम्मद सुलेमान, IAS अधिकारी तारो राठी, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक

भोपाल: मध्य प्रदेश के चार वरिष्ठ अधिकारियों पर हाईकोर्ट ने सख्त और अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व एसीएस (ACS) मोहम्मद सुलेमान, IAS अधिकारी तारो राठी, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. डी.के. तिवारी और मंदसौर के सीएमएचओ डॉ. गोविंद चौहान को दो-दो महीने की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह बड़ा फैसला अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए सुनाया है।

ये है पूरा मामला

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर 2023 को आदेश दिया था कि मंदसौर स्वास्थ्य विभाग में 2004 से 7 अप्रैल 2016 तक कार्यरत कर्मचारियों को नियमित (permanent) किया जाए । इस आदेश को लागू करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया था  लेकिन संबंधित विभाग और अधिकारियों ने इस आदेश का पालन नहीं किया।

अवमानना (Contempt of Court) क्यों मानी गई?

जब कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो उसे अदालत की अवमानना माना जाता है इस मामले में कर्मचारियों ने 9 अवमानना याचिकाएं दायर की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पाया कि आदेश की जानबूझकर अनदेखी की गई है। मामले में न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद सभी चार अधिकारियों को अवमानना का दोषी ठहराया।

इन अधिकारियों को मिली सजा

मोहम्मद सुलेमान (पूर्व ACS),तारो राठी,डॉ. डी.के. तिवारी और डॉ. गोविंद चौहान चारों को 2-2 महीने की सजा (कैद) सुनाई गई है। हालांकि कोर्ट ने सजा को 3 हफ्तों के लिए स्थगित (stay) कर दिया है। अधिकारियों को आदेश का पालन करने का अंतिम मौका दिया गया है।  यानी अगर वे आदेश लागू कर देते हैं, तो सजा टल भी सकती है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

वहीं मामले में पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। अगर वरिष्ठ अधिकारी ही आदेश नहीं मानेंगे, तो सिस्टम पर सवाल उठते हैं । सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।वहीं इस महत्वपूर्ण फैसला इसलिए अहम है क्योंकि यह दिखाता है कि कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर बड़े अधिकारी भी नहीं बच सकते। प्रशासनिक सिस्टम में जवाबदेही (accountability) सुनिश्चित होती है । कर्मचारियों के अधिकारों की न्यायिक सुरक्षा मजबूत होती है।

 

 

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