Edited By meena, Updated: 23 Mar, 2026 03:35 PM

मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। धरनावदा थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान गुजरात के एक कारोबारी की गाड़ी से करीब 1 करोड़...
गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। धरनावदा थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान गुजरात के एक कारोबारी की गाड़ी से करीब 1 करोड़ रुपये नकद मिलने का मामला सामने आया। नियमों के मुताबिक इतनी बड़ी राशि मिलने पर संबंधित एजेंसियों को सूचना देना जरूरी था, लेकिन आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रक्रिया का पालन नहीं किया और मामले को दबाने की कोशिश की। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा और गुना एसपी अंकित सोनी को पद से हटा दिया गया। इस हवाला कांड ने सिवनी हवाला कांड की यादें दोहरा दी।
20 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप
सूत्रों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर कारोबारी से 20 लाख रुपये लेकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की। यह आरोप बेहद गंभीर है क्योंकि यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और कर्तव्य में लापरवाही की ओर इशारा करता है। बताया जा रहा है कि यह रकम गाड़ी में मिले कैश को लेकर की गई कथित डील का हिस्सा थी।
आईपीएस के कॉल से खुली पोल
मामले में उस समय बड़ा मोड़ आया जब गुजरात के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के हस्तक्षेप की बात सामने आई। चर्चा है कि इसी कॉल के बाद कथित रूप से लिए गए 20 लाख रुपये वापस कर दिए गए। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस महकमे में यह चर्चा जोरों पर है। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को उजागर कर दिया और उच्च अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर किया।
पुलिसकर्मी सस्पेंड, एसपी हटाए गए
मामला सामने आने के बाद ग्वालियर रेंज के DIG अमित सांघी ने छापामार कार्रवाई की और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के संकेत मिले, जिसके बाद तत्कालीन एसपी अंकित सोनी ने चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इनमें SI प्रभात कटारे, ASI साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन शामिल हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अंकित सोनी को भी हटा दिया और उनकी जगह हितिका वसल को नया एसपी नियुक्त किया। यह मामला एक बार फिर पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।