घर के बाहर से बच्ची को उठाकर ले जाने वाले हैवान को आजीवन कारावास, 3 साल की मासूम से की थी दिल दहलाने वाली हैवानियत

Edited By Desh sharma, Updated: 13 Oct, 2025 11:50 PM

the monster who abducted a girl from outside her home has been sentenced to life

छतरपुर में 3 साल की मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कविता वर्मा की अदालत ने दोषी पाए गए 25 साल के बर्फ बेचने वाले अर्जुन आदिवासी को आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक जेल) एवं 5...

छतरपुर (राजेश चौरसिया): छतरपुर में 3 साल की मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।  विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कविता वर्मा की अदालत ने दोषी पाए गए 25 साल के बर्फ बेचने वाले अर्जुन आदिवासी को आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक जेल) एवं 5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

अभियोजन कार्यालय के अनुसार बमीठा थाना क्षेत्र में 4 मई 2023 को शाम करीब 4 बजे 3 साल की बच्ची बाहर खेल रही थी, तभी बर्फ बेचने वाला आया। बच्ची की मां खाना बनाकर घर के बाहर निकली तो बाहर बच्ची नहीं दिखी तो वह उसे ढूंढने गई।

जब बच्ची नहीं मिली तो उसने अपने पति को बच्ची के गुम होने की बात बताई । उसका पति और गांव के अन्य लोग भी बच्ची को ढूंढने लगे। तब वहीं गांव के व्यक्ति ने बताया कि हीरालाल आदिवासी का दामाद अर्जुन बच्ची को कुल्फी देकर स्टापडेम तरफ ले गया है।

बच्ची के दादा ने आरोपी के ससुराल से उसका नंबर पता कर फोन किया तो अर्जुन ने बताया कि वह कुरेला में है और फोन रख दिया। उसके बाद उसने फोन नहीं उठाया। तब बच्ची के पिता, दादा और गांव के अन्य लोग स्टापडेम तरफ ढूंढने के लिए निकले। रात करीब 9 बजे बच्ची के पिता पीड़िता को एवं गांव के अन्य लोग अर्जुन को लेकर गांव में आए।

उस समय बच्ची बेहोशी की हालत में थी। उसे पानी के छींटे मारकर होश में लाया गया। जब बच्ची थोड़े होश में आई तो उसने सामने खड़े अर्जुन आदिवासी की ओर इशारा कर बताया कि इसने उसके साथ गलत काम किया है। फिर उसने देखा कि बच्ची की पेशाब वाली जगह से पीछे तक पूरा फट गया है, खून निकल रहा था, बच्ची के कपड़े खून से लिपटे थे। बच्ची के पिता ने बताया कि पीडिता स्टापडेम के पास सूखे नाले में अर्जुन के पास मिली।

बच्ची की मां की रिपोर्ट पर 5 मई 2023 को आरोपी के विरूद्ध मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना कार्यवाहक निरीक्षक अंजली उदेनिया ने की। मामले की गंभीरता को देखते हुये इसे जिला स्तरीय समिति द्वारा चिन्हित जघन्य सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया।

अभियोजन की ओर से प्रभारी उपनिदेशक/विशेष लोक अभियोजक प्रवेश अहिरवार ने पैरवी करते हुये मामले के सभी सबूत एवं गवाह कोर्ट में पेश किये। विचारण उपरांत विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कविता वर्मा की अदालत ने आरोपी अर्जुन आदिवासी को पॉक्सो एक्ट की धारा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवन काल तक) एवं 5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।

 

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