Edited By meena, Updated: 20 Sep, 2026 08:30 PM

मध्यप्रदेश वन विभाग के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा अधिकारी एवं सेवानिवृत्त क्षेत्र संचालक मृदुल कुमार पाठक के निधन से वन विभाग और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व परिवार में शोक की लहर है...
उमरिया (दीपक कुमार) : मध्यप्रदेश वन विभाग के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा अधिकारी एवं सेवानिवृत्त क्षेत्र संचालक मृदुल कुमार पाठक के निधन से वन विभाग और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व परिवार में शोक की लहर है। उन्होंने अपने सेवाकाल का बड़ा हिस्सा जंगल, वन्यजीव और प्रकृति के संरक्षण को समर्पित किया। बांधवगढ़ से उनका रिश्ता महज एक प्रशासनिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इस वनभूमि और यहां के वन्यजीवों के संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में उन्होंने सितंबर 2010 से अक्टूबर 2012 तक उप संचालक और नवंबर 2016 से मार्च 2019 तक क्षेत्र संचालक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल में वन्यजीव प्रबंधन, गश्ती व्यवस्था और अवैध शिकार पर नियंत्रण को मजबूती देने के प्रयास हुए। क्षेत्र संचालक के रूप में उन्होंने बाघों की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रामीणों से संवाद और त्वरित राहत व्यवस्था पर जोर दिया। मैदानी अमले के साथ उनका सहज जुड़ाव उनकी कार्यशैली की खास पहचान रहा। उन्होंने वनकर्मियों का मनोबल बढ़ाते हुए संरक्षण की जिम्मेदारी को केवल सरकारी ड्यूटी नहीं, बल्कि मिशन के रूप में आगे बढ़ाया। पर्यटन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने और स्थानीय समुदायों को इससे जोड़ने की दिशा में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।
सौम्य व्यवहार,स्पष्ट प्रशासनिक सोच और वन्यजीवों के प्रति गहरी संवेदनशीलता ने उन्हें अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच लोकप्रिय बनाया। सेवानिवृत्ति के बाद भी वन्यजीव संरक्षण के मुद्दों से उनका जुड़ाव बना रहा। उनके निधन को वन विभाग और बांधवगढ़ ने एक अनुभवी अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक अभिभावक और प्रकृति के सच्चे प्रहरी की क्षति के रूप में महसूस किया है।