Edited By meena, Updated: 06 Oct, 2026 08:14 PM

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने WhatsApp के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में आरोप है कि बिना नोटिस...
जबलपुर (विवेक तिवारी) : हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने WhatsApp के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में आरोप है कि बिना नोटिस और कारण बताए उनका वर्षों पुराना WhatsApp अकाउंट बंद कर दिया गया। शिकायत के बाद भी राहत नहीं मिली तो उन्होंने दूसरा नंबर लिया, लेकिन वह अकाउंट भी 4 अक्टूबर को प्रतिबंधित कर दिया गया।
मृगेंद्र सिंह का कहना है कि WhatsApp उनके कानूनी कामकाज का अहम माध्यम है। इसी से वे क्लाइंट, जूनियर वकीलों और मुकदमों से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं। 23 अगस्त को प्राथमिक नंबर का अकाउंट बैन होने के बाद उन्होंने उसी दिन इन-ऐप अपील की थी। इसके बाद 2 सितंबर को WhatsApp के शिकायत अधिकारी को लीगल नोटिस भी भेजा गया। इसमें दोनों अकाउंट बहाल करने, तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट देने और रु 50 हजार नोटिस खर्च की मांग की गई थी। याचिका के अनुसार नोटिस के बाद भी WhatsApp ने अकाउंट बहाल नहीं किया।
मृगेंद्र सिंह ने अपनी याचिका में अकाउंट बैन की कार्रवाई को मनमानी बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(g) और 21 का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा है कि डिजिटल संचार बंद होने से उनकी पेशेवर गतिविधियां और क्लाइंट से जुड़ा न्यायिक काम प्रभावित हो रहा है। हाईकोर्ट से दोनों WhatsApp अकाउंट तुरंत बहाल करने के साथ अंतरिम राहत मांगी गई है। साथ ही भारत संघ को आईटी नियमों के कथित उल्लंघन पर WhatsApp के खिलाफ उचित कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की गई है।