Edited By Desh Raj, Updated: 12 Mar, 2026 10:31 PM

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में महिला अफसरों पर भी खासा भरोसा जताया जा रहा है। प्रदेश में उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। प्रशासनिक ढांचे में महिला अफसरों का दबदबा बढ़ रहा है। ये बात ऐसी ही नहीं कही जा रही है बल्कि आंकड़े इसकी गवाही दे रहे...
(भोपाल): मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में महिला अफसरों पर भी खासा भरोसा जताया जा रहा है। प्रदेश में उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। प्रशासनिक ढांचे में महिला अफसरों का दबदबा बढ़ रहा है। ये बात ऐसी ही नहीं कही जा रही है बल्कि आंकड़े इसकी गवाही दे रहे है। मध्य प्रदेश राज्य में पहली बार बड़ी संख्या में महिला आईएएस अधिकारियों को जिलों का दायित्व सौंपा गया है।
मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से 17 की कमान महिला IAS अधिकारियों के पास
अगर हम वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रदेश के 55 जिलों में 17 जिलों की कमान महिला आईएएस अधिकारियों के पास अगर गौर किया जाए तो पहले कभी भी प्रदेश में ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली है।जब इतने बड़े स्तर पर महिला अफसरो को कमान सौंपी गई हो। स्थिति ये है कि मोहन यादव सरकार में महिला अधिकारियों पर भरोसा जताकर कई जिलों में उन्हें कलेक्टर के तौर पर भी नियुक्त किया गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि महिला अधिकारियों पर भरोसा बढ़ा है। बात करें बड़वानी, झाबुआ और डिंडोरी की तो यहां पर लगातार महिला कलेक्टर को जिम्मेवारी सौंपी जा रही है।
प्रदेश में महिला कलेक्टरों का बढ़ा दबदवा
मध्य प्रदेश के खरगोन, बड़वानी, झाबुआ आलीराजपुर ऐसे जिले हैं जो ये मुहर लगा रहे हैं, इंदौर संभाग में महिला अधिकारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उज्जैन संभाग के रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा मंदसौर में भी महिला आईएएस अधिकारियों का जलवा है। रीवा, पन्ना, निवाड़ी, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, सिवनी जिलों में महिला कलेक्टर अपनी योग्यता का बखूबी प्रदर्शन कर रही है।वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में कई दूसरी महिला आईएएस अधिकारियों को भी पहली बार कलेक्टर बनने का मौका मिल सकता है।
आने वाले समय में 2011 से 2017 बैच तक की महिला अधिकारियों को मौके की उम्मीद
बात करें तो वर्ष 2014 बैच की महिला अधिकारियों की संख्या सबसे अधिक है। 2016 बैच की भी कई अधिकारी जिलों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उम्मीद है कि 2011 से 2017 बैच तक की दूसरी महिला आईएएस अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर बनने का अवसर मिल सकता है। लिहाजा महिला अधिकारियों को मोहन सरकार में काफी महत्व दिया जा रहा है।