Edited By Vikas Tiwari, Updated: 23 Jan, 2026 08:28 PM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बसंत पंचमी के अवसर पर धार स्थित भोजशाला संरक्षित परिसर में दर्शन, पूजन, हवन और नमाज़ के कार्यक्रम पूर्ण शांति, आस्था, अनुशासन और सौहार्द के वातावरण में संपन्न हुए। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस और नागरिकों के...
धार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बसंत पंचमी के अवसर पर धार स्थित भोजशाला संरक्षित परिसर में दर्शन, पूजन, हवन और नमाज़ के कार्यक्रम पूर्ण शांति, आस्था, अनुशासन और सौहार्द के वातावरण में संपन्न हुए। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस और नागरिकों के समन्वय से पूरे आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए भोजशाला में पूजा निर्बाध रूप से कराई गई और नमाज़ के लिए भी निर्धारित समय और स्थान पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। प्रदेश सरकार सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है और मध्यप्रदेश आज शांति, सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बनकर उभरा है। जहां भी लापरवाही सामने आती है, वहां प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाती है। बसंत पंचमी के अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचे और मां वाग्देवी के दर्शन किए। परिसर में पूरे दिन हवन-पूजन की गतिविधियां चलती रहीं। वहीं सर्वोच्च न्यायालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज़ भी शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
शांति और सुरक्षा व्यवस्था के तहत भोजशाला परिसर के आसपास पुलिस कंट्रोल रूम, अस्थायी चिकित्सालय, मीडिया सेंटर और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन और पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। 300 मीटर के दायरे में कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया और नो-फ्लाई ज़ोन लागू किया गया। एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और एआई तकनीक के माध्यम से निगरानी की गई। थ्री-डी मैपिंग और कंट्रोल रूम के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग होती रही। धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराया गया। प्रशासन और नागरिकों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखा गया। मोहल्ला समितियों और समाज के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठकों के माध्यम से आमजन का सहयोग सुनिश्चित किया गया। इंदौर संभाग के संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने लगातार व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।