‘मकान बेचना है’ लगे पोस्टरों से लोगों में दहशत, बोले- रोहिंग्याओं का खौफ, सड़कों पर मांस फेकते हैं

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 12 Sep, 2025 01:52 PM

due to fear of rohingya posters were put up in jabalpur houses are to be sold

मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की शिवराज बस्ती इन दिनों अचानक चर्चा में आ गई है। यहां के कई घरों पर ‘यह मकान बेचना है’ लिखे पोस्टर चिपके नजर आ रहे हैं। दरअसल, स्थानीय लोगों ने यह पोस्टर इसलिए लगाए क्योंकि बस्ती में कुछ अनजान परिवार आकर बस गए हैं। इन्हें...

जबलपुर: मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की शिवराज बस्ती इन दिनों अचानक चर्चा में आ गई है। यहां के कई घरों पर ‘यह मकान बेचना है’ लिखे पोस्टर चिपके नजर आ रहे हैं। दरअसल, स्थानीय लोगों ने यह पोस्टर इसलिए लगाए क्योंकि बस्ती में कुछ अनजान परिवार आकर बस गए हैं। इन्हें लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कोई इन्हें रोहिंग्या बता रहा है तो कोई संदिग्ध रैकी करने वाला।

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50 से ज्यादा लोग रहने लगे बस्ती में
मामले की जानकारी हिंदूवादी संगठनों तक पहुंची तो उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत दी। संगठनों का आरोप है कि बीते कुछ समय में करीब 10 से ज्यादा परिवारों के 50 लोग बस्ती में झोपड़ियां बनाकर या किराए पर कमरे लेकर बस गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अचानक आकर बसे ये लोग दिनभर भीख मांगते हैं और घरों की रैकी करते हैं। विरोध करने पर गाली-गलौज करने और महिलाओं को अर्धनग्न खड़ा करने जैसी हरकतें भी की जाती हैं।

गंदगी और डर से लोग बेच रहे मकान
बजरंग दल के प्रचारक रमेश तिवारी ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने मुख्य मार्ग पर इतनी गंदगी फैला दी है कि निकलना मुश्किल हो गया है। 10-20 कुत्ते पाल रखे हैं, जिससे हमेशा डर बना रहता है। उन्होंने कहा कि बिना दस्तावेजों के रहने वालों को यहां बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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पुलिस की जांच शुरू
शिकायत के बाद पुलिस-प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि यह भी पता लगाया जाएगा कि जो लोग यहां रह रहे हैं, क्या उनके पास आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज हैं, और अगर हैं तो कैसे बन गए।

‘कई सालों से जबलपुर में रह रहे हैं’
वहीं, बस्ती में रहने वाली महिला उर्मिला पादरे ने दावा किया कि उनका परिवार कई सालों से जबलपुर में रह रहा है। पहले ग्वारीघाट रेलवे स्टेशन के पास रहते थे, वहां से हटाए जाने के बाद शिवराज बस्ती में आकर रहने लगे। उर्मिला का कहना है कि जिस जमीन पर झोपड़ी बनाई है, उसके मालिक से अनुमति ली है। अगर वो मना करेंगे तो हट जाएंगे।

स्थानीय लोग बंटे दो गुटों में
बस्ती के निवासियों में भी इस मुद्दे पर मतभेद है। कुछ लोग इन बाहरी परिवारों का विरोध कर रहे हैं, वहीं जिन्होंने अपने मकान किराए पर दिए हैं, वे इनके पक्ष में हैं। स्थानीय निवासी कमला बैन का कहना है कि उन्हें इनसे कोई परेशानी नहीं है, ये लोग कमाकर खाते हैं और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते। शिवराज बस्ती विवाद पर जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने ग्वारीघाट थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए हैं।

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